comScore

Kabul Gurdwara Attack: हमले में 25 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने की हमले की कड़ी निंदा, संवेदना भी व्यक्त की

Kabul Gurdwara Attack: हमले में 25 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने की हमले की कड़ी निंदा, संवेदना भी व्यक्त की

हाईलाइट

  • काबुल में गुरुद्वारा में हुए आतंकी हमले में 25 लोगों की मौत हो गई
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा की
  • आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खोरासान ने ली

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निंदा की है। उन्होंने सभी मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। बता दें कि बुधवार को काबुल में हुए आतंकी हमले में 25 लोगों की मौत हो गई है। आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खोरासान (आईएसकेपी) ने ली है।

प्रार्थना कर रहे लोगों पर गोलीबारी
इंटीरियर मिनिस्ट्री ने कहा कि एक गनमैन सुबह-सुबह परिसर में घुस गए थे जिसने प्रार्थना कर रहे लोगों पर गोलीबारी की। सुरक्षा बलों के साथ छह घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद इन सभी को ढेर कर दिया गया। प्रवक्ता तारिक आर्यन ने कहा कि इस हमले में 25 लोगों की मौत हुई है और आठ घायल हो गए। उन्होंने कहा कि अफगान सुरक्षा बलों ने साइट से 80 अन्य लोगों को बचाया।

हमले के दौरान क्षेत्र में एक विस्फोट की आवाज सुनी गई थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि यह कहां हुआ था और क्या यह हमले से जुड़ा था। कई एंबुलेंस को साइट पर घायलों को लो जाते हुए देखा गया। अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को भी अफगान सुरक्षा बलों का समर्थन करने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया था।

भारत ने की हमले की निंदा
बता दें कि काबुल में गुरुद्वारा पर किया गया यह हमला अपनी तरह का पहला हमला था। सुबह एक अनुष्ठान समारोह के दौरान इस हमले को अंजाम दिया गया। भारत ने इस आतंकी हमले की निंदा की है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की।एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा, भारत, अफगास्तिान में हिंदू और सिख समुदाय के प्रभावित परिवारों को सभी संभव सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है।

क्या कहा शहरी मामलों के मंत्री ने?
भारत के आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा, काबुल में गुरुद्वारा साहिब पर आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा किए जाने की जरूरत है। ये हत्याएं उस अत्याचार की याद दिलाती हैं, जो कुछ देशों में अल्पसंख्यकों पर जारी हैं और उनके जीवन और धार्मिक स्वतंत्रता की तत्काल रक्षा किए जाने की आवश्यकता है।


 

कमेंट करें
Y9bq5