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Elephant Death: पर्यावरण मंत्रालय ने कहा- केरल में हथिनी ने गलती से पटाखे से भरा फल खाया होगा

June 08th, 2020 19:01 IST
Elephant Death: पर्यावरण मंत्रालय ने कहा- केरल में हथिनी ने गलती से पटाखे से भरा फल खाया होगा

हाईलाइट

  • केरल में गर्भवती हाथी की मौत को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच पर्यावरण मंत्रालय का बयान
  • हो सकता है हाथी ने गलती से पटाखे से भर फल खा लिया हो
  • पर्यावरण राज्य मंत्री ने लोगों से सोशल मीडिया अफवाहों पर विश्वास न करने का अनुराध किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल में गर्भवती हाथी की मौत को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच पर्यावरण मंत्रालय का एक बयान सामने आया है। सोमवार को पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, 'प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हाथी ने गलती से पटाखे से भरा फल खा लिया होगा। कई बार स्थानीय लोग जंगली सूअर को खेतों में प्रवेश करने से रोकने के लिए विस्फोटक से भरे फलों का सहारा लेते हैं जोकि अवैध है'। पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लोगों से सोशल मीडिया अफवाहों पर विश्वास न करने का अनुराध भी किया है।

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इलाके में काफी प्रचलित है 'पन्नी पड़कम'
बता दें कि अनानास या मीट में हल्के विस्फोटक पैक करके जानवरों को खेतों में आने से रोकना केरल के स्थानीय इलाक़ों में काफ़ी प्रचलित है। इसे मलयालम में 'पन्नी पड़कम' कहा जाता है जिसका मतलब है 'पिग क्रैकर'। ये विस्फोटक स्थानीय स्तर पर ही बनाई गई सामग्री या त्योहारों में इस्तेमाल होने वाले पटाख़ों से तैयार किया जाता है। केरल में साइलेंट वैली के हाथी ने भी पटाखों से भरा अनानस खा लिया था, जिसके बाद 27 मई को वेल्लियार नदी में उसकी मौत हो गई थी। 

हाथी का जबड़ा टूट गया था
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि वो हाथी गर्भवती थी और मुंह में पटाखा फटने के कारण उसका जबड़ा टूट गया था। कई दिनों तक हथिनी नदी में मुंह और सूंड को दबाकर खड़ी रही। शायद असहनीय दर्द से राहत पाने के लिए उसने ऐसा किया था। दिल को दहला देने वाली यह घटना एक वन अधिकारी मोहन कृष्णन के फेसबुक पोस्ट के चलते सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। एक व्यक्ति को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

मालले की प्रगति को लेकर अधिकारियों की बैठक
मंत्रालय ने रविवार को इस मामले में प्रगति पर चर्चा के लिए कई अधिकारियों के साथ एक बैठक की। समीक्षा बैठक वन महानिदेशक संजय कुमार और मंत्रालय में विशेष सचिव (DGF & SS) की अध्यक्षता में हुई। DGF & SS के अलावा, बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के एक अधिकारी, वन्यजीव महानिरीक्षक, पर्यावरण मंत्रालय, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अतिरिक्त निदेशक और एलिफेंट सेल के वैज्ञानिक शामिल थे। हालांकि मीटिंग की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।