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कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्यारों को पिस्टल उपलब्ध कराने वाला युवक गिरफ्तार

November 02nd, 2019 13:25 IST
कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्यारों को पिस्टल उपलब्ध कराने वाला युवक गिरफ्तार

हाईलाइट

  • आतंकवाद रोधी दस्ते और गुजरात एटीएस ने किया गिरफ्तार
  • यूसुफ खान के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं
  • अब तक करीब एक दर्जन आरोपी इस मामले में गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। हिंदू महासभा के पूर्व नेता और हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते और गुजरात एटीएस ने हत्यारों को पिस्टल उपलब्ध कराने वाले आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम यूसुफ खान है जो मूल रूप से यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है। बता दें कि बीते 18 अक्टूबर को लखनऊ स्थित उनके घर में घुसकर दो लोगों ने कमलेश तिवारी की हत्या कर दी थी।

आरोपी यूसुफ खान के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसकी फारेंसिक जांच करवाई जाएगी। इसके बाद एक कॉल डिटेल के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। फिलहाल टीम उससे पूछताछ कर रही है। युसुफ ने बताया है कि उसने सूरत में हत्यारों को पिस्टल दी थी। युसूफ खान पिछले कुछ समय से गुजरात में रह रहा था। वहीं, अभी तक करीब एक दर्जन आरोपी अब तक इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

आपको बता दें कि हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की दो बदमाशों ने लखनऊ में बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों बदमाश भगवा कपड़े पहने हुए थे और मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर लाए थे। इसके बाद 31 अक्टूबर को इस मामले में बरेली एटीएस ने कमलेश तिवारी के हत्यारोपित के मददगार वकील नावेद के तीसरे साथी कामरान को गिरफ्तार किया था। जिसने हत्यारोपितों की नेपाल पहुंचाने में मदद की थी।

सूत्रों के अनुसार दोनों हत्यारोपियों से बरेली से गिरफ्तार नावेद का आमना-सामना कराया गया था। इस दौरान हत्यारोपियों और नावेद के बयानों को क्रॉस चेक भी किया गया था। नागपुर से आसिम की गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों को नेपाल से शाहजहांपुर लाने का भी आरोप है। कमलेश तिवारी के हत्यारों के मददगारों की लगातार गिरफ्तारी चल रही है। क्राइम टीम के साथ ही एसटीएफ व एटीएस लगातार सक्रिय है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।