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युवकों ने भाई की हत्या करने वालों को बेरहमी से उतारा मौत के घाट

युवकों ने भाई की हत्या करने वालों को बेरहमी से उतारा मौत के घाट

डिजिटल डेस्क, अकोला। दो साल पहले भाई की हत्या करने वालों को दो लोगों ने मौत के घाट उतार दिया गया। बालापुर पुलिस थाने के अंतर्गत ग्राम निंबी मालोकार में हरि ओंकार सोलंके का वाकोड़े परिवार के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मंगलवार को विवाद हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। जिसके बाद वाकोड़े परिवार के कुछ लोग पुराना शहर पुलिस थाने के अंतर्गत लाखनवाड़ा पहुंचे। जहां पर आरोपियों ने घातक हथियारों से हमला कर लक्ष्मण दुधाजी डाबेराव, हरि ओंकार सोलंके, कृष्णा ओंकार सोलंके पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा घटना स्थल से फरार हो गए। परिजन तथा नागरिकों ने तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन उपचार के दौरान लक्ष्मण डाबेराव की मौत हो गई , कृष्णा ओंकार सोलंके की हालत गंभीर होने के कारण नागपुर के लिए एम्बुलेंस से रवाना किया गया, लेकिन अमरावती के पास कृष्णा ने दम तोड़ दिया। तीसरे घायल हरि पर सर्वोपचार अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में पुराना शहर पुलिस ने सचिन दीपक वाकोड़े, प्रवीण दीपक वाकोड़े, सागर संतोष सिरसाट को गिरफ्तार कर लिया है तथा चौथे आरोपी को भी एलसीबी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। फरार अन्य आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।  

खून का बदला खून 

पुलिस के अनुसार किसन वाकोडे तथा लक्ष्मण डाबेराव ने वर्ष 2017 में पुरानी रंजिश को लेकर रामेश्वर वाकोडे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घटना के बाद से वाकोडे परिवार अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए मौके की तलाश कर रहा था। पुराना शहर पुलिस ने रामेश्वर वाकोडे की हत्या में शामिल दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के साथ अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। हाल ही में न्यायालय ने दोनेां आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली थी। जमानत पर बाहर आने के बाद सोलंके परिवार से बदला लेने की जुगत वाकोडे परिवार कर रहा था। आरोपियों को मंगलवार सुबह मौका मिल गया, जब उन्होंने अपने भाई रामेश्वर वाकोडे की हत्या करने वाले गुलाबसिंग तथा किसन सोलंके की हत्या कर दी।   

उपचार के दौरान हुई दो मौत 

हमले के बाद तीनों घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सोलंके परिवार के दामाद लक्ष्मण गुलाबसिंग डाबेराव की मौत हो गई। जबकि किशन ओंकार सोलंके को नागपुर के सरकारी अस्पताल रवाना किया गया, लेकिन अमरावती के पास उसकी भी मौत हो गई। जबकि तीसरे घायल हरी ओंकार सोलंके का अस्पताल में उपचार चल रहा है।  
 

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