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स्‍टीफन हॉकिंग नहीं रहे , दुनिया को बताये थे ब्रह्मांड के रहस्‍य

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 25th, 2018 15:14 IST

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News Highlights

  • स्टीफन विलियम हॉकिंग एक विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और ब्रह्माण्ड विज्ञानी थे।
  • स्टीफन कई लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकों के लेखक थे, जिनमें से "अ ब्रिफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द यूनिवर्स इन अ नटशेल और द ग्रैंड डिजाईन जैसी किताबे शामिल है।
  • स्टीफन कहते हैं कि Einstein के सिद्धांत के मुताबिक ब्रह्मांड की उत्‍पत्ति के समय संसार में मौजूद सभी भौतिक पदार्थ और ऊॅर्जा बहुत ही छोटी जगहों पर केंद्रित थी, लेकिन उनकी यह थ्‍योरी बिगबैंग के पहले और बाद की कंडीशन के बीच कोई गणितीय लिंक नहीं बताती।


डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। विज्ञान की दुनिया में रिसर्च से अपनी खास छाप छोड़ने वाले स्टीफन हॉकिंग  का निधन हो गया है। वहीं स्टीफन हॉकिंग जिन्होंने दुनिया को ब्रह्मांड के रहस्यों से रूबरू करवाया। उन्होंने पूरी दुनिया को ब्रह्मांड के ब्लैक होल के बारे में बताया था। स्टीफेन हॉकिंग ने कहा था कि अगर मानव प्रजाति को बचाना है तो आगामी 100 सालों में हमें पृथ्वी से अलग किसी दूसरे ग्रह पर अपना घर तलाशने की शुरुआत करनी होगी। उन्होंने एक थ्योरी की माध्यम से इस बात की संभावना ज़ाहिर की थी कि आने वाले 1000 या 10000 सालों में पृथ्वी पर क्लाइमेट चेंज, महामारी, जनसंख्या वृद्धि या एस्टेरॉयड के टकराने जैसा कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अगर हम ब्रह्मांड में दूसरा घर तलाश लेंगे तो मानव प्रजाति को बचाया जा सकता है। स्टीफेन हॉकिंग के निधन की खबर उनके परिवार वालों ने ट्विटर और फेसबुक के जरिए शेयर की है। 

स्टीफन हॉकिंग के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक और अकादमिक थे। दुनिया भर में उनके निधन की खबर परेशान करने वाली है। उन्होंने बहुत से लोगों को प्रेरित किया है। प्रोफेसर हॉकिंग के अग्रणी काम ने हमारी दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया उनकी आत्मा को शांति मिले।

स्टीफन हॉकिंग के निधन पर भारत के राज्य मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि विज्ञान के क्षेत्र में चमकता सितारा जो दुनिया भर में लाखों लोगों को अपने साहस और दृढ़ता से प्रेरित करता था। मानव जाति के लिए एक बड़ा नुकसान दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं रहेगी। उनकी विरासत तब तक जीवित रहती है जब तक मानव जाति मौजूद है। RIP प्रोफेसर

स्टीफन विलियम हॉकिंग

विलियम हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 में ऑक्सफोर्ड, यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। वह एक विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और ब्रह्माण्ड विज्ञानी थे। इतना ही नहीं वो कई लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकों के लेखक थे, जिनमें से "अ ब्रिफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द यूनिवर्स इन अ नटशेल और द ग्रैंड डिजाईन जैसी किताबे शामिल है। 

स्टीफन हॉकिंग इस बीमारी से थे परेशान

21 वर्ष की उम्र में स्टीफन हॉकिंग को एम्योट्रॉफिक लेटरल स्लेरोसिस ( ALS) जैसी खतरनाक बीमारी हो गयी थी। इस बीमारी में शरीर की नर्वस जो मांसपेशियों को कंट्रोल करती है वो बंद हो जाती हैं। उस वक्त डॉक्टर्स ने स्टीफन को बताया था की उनके पास अब सिर्फ दो से ढाई साल का वक्त है। इस बीमारी के पहले स्टीफन कभी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते थे शायद यही एक कारण है जिसके पता चलते ही स्टीफन ने खुद को रिसर्च और विज्ञान की ओर समर्पित कर दिया।

हॉकिंग ने बिग बैंग सिद्धांत और ब्लैक होल को समझने में खास योगदान दिया है। यही कारण है कि उन्हें अमेरिका के सबसे उच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनकी ब्रह्मांड के रहस्यों पर किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी दुनिया भर में काफी मशहूर हुई थी। हॉकिंग मूल रूप से ब्रिटेन के रहने वाले थे। एलबर्ट आइंस्टीन के बाद हॉकिंग दुनिया के सबसे महान सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी बने।

किताबी कीड़ा न होकर भी दिमाग तेज

स्टीफन हॉकिंग के बारे में कहा जाता है कि वह कम क्लास लेने और किताबी कीड़ा बन कर भी दिमाग से बहुत तेज थे। बताया जाता है कि कॉलेज में हॉकिंग ने जब अपनी थीसिस जमा की, जो प्रथम श्रेणी और द्वीतिय श्रेणी के बीच की ग्रेड में रखा गई। ऐसे में उन्हें एक मौखिक परीक्षा से गुजरना पड़ा। तब उन्होंने शिक्षकों से कहा था, “अगर आप मुझे प्रथम श्रेणी देंगे तो मैं कैब्रिज जाऊंगा। अगर द्वीतिय श्रेणी में रखेंगे तो मैं यहीं रह जाऊंगा। ऐसे में मैं आपसे पहली श्रेणी की उम्मीद करता हूं।”

इसके बाद 1962 में उन्होंने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में अपना नाम लिखाया, जहां वह भौतिक विज्ञानी डेनिस स्कीमा और नामी खगोल विज्ञानी फ्रेड हॉयल सरीखे नामों के अंतर्गत थे। यहीं, उनकी रुचि ब्लैक होल्स और विलक्षणता के तत्कालीन प्रारंभिक अध्ययन में दिखने लगी थी। कॉस्मोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने के बाद वह कैम्ब्रिज में ही रुके। यहां उन्होंने ब्रह्मांड के ढांचे से जुड़े जरूरी प्रश्नों को समझने का प्रयास किया। कैम्ब्रिज में हॉकिंग वाइल्ड से मिले थे, जो लंदन के वेस्टफील्ड कॉलेज में आधुनिक भाषाओं की पढ़ाई कर रही थी। मगर दोनों की डेटिंग से पहले ही हॉकिंग को आइस स्केटिंग बीमारी हो गई। वह डॉक्टर के पास गए, जहां उन्होंने आशंका जताई कि हॉकिंग के पास कम वक्त बचा है।

स्टीफन हॉकिंग जानते थे बिग बैंग से पहले क्या था

13.8 अरब साल पहले बिग बैंग के वक्त एक परमाणु जितने बड़े बिंदु से पूरे ब्रह्मांड का जन्म हुआ था, लेकिन कोई नहीं जानता उसके पहले क्या था। स्टीफन हॉकिंग ने दावा किया है कि शायद वह जानते हैं कि बिग बैंग से पहले क्या था। स्‍टीफन हॉकिंग ने कहा कि बिग बैंग के पहले टाइम यानि समय का भी कोई अस्तित्‍व नहीं था। वो कहते हैं कि Einstein के सिद्धांत के मुताबिक ब्रह्मांड की उत्‍पत्ति के समय संसार में मौजूद सभी भौतिक पदार्थ और ऊॅर्जा बहुत ही छोटी जगहों पर केंद्रित थी, लेकिन उनकी यह थ्‍योरी बिगबैंग के पहले और बाद की कंडीशन के बीच कोई गणितीय लिंक नहीं बताती।

उन्होंने बताया कि हम आज समय को जिस तरह महसूस करते हैं, ब्रह्मांड के जन्म से पहले का समय ऐसा नहीं था। इसमें चार आयाम थे। भूत, भविष्य और वर्तमान को तीन समानांतर रेखाएं समझें तो एक और रेखा थी जो ऊर्ध्वाधर थी, उसे आप काल्पनिक समय समझ सकते हैं। काल्पनिक समय कोई कल्पना नहीं है, यह हकीकत है। पर आप इसे देख नहीं सकते हैं, लेकिन महसूस कर सकते हैं। 

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