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जानिए क्या हैं मंगल दोष से निवारण के उपाय

August 08th, 2018 15:08 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मंगल ग्रह को कुंडली में सबसे विशेष स्थान दिया जाता है। कुंडली द्वारा यही ग्रह जीवन में शुभ-अशुभ कार्यों का कारक होता है। किसी की भी कुंडली में मंगल का भाव एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति को प्रसिद्धि और सम्मान की ऊंचाइयां भी दे सकता है, वहीं उसकी बदनामी का कारण भी बन सकता है। मंगल की उच्च दशाएं या शुभ दृष्टि व्यक्ति को साहसी, पराक्रमी और अपने कार्यों में दक्ष बनाती हैं, वहीं कमजोर या अशुभ मंगल व्यक्ति को डब्बू या क्रूर भी बना सकती हैं।

ऐसे लोगों का व्यक्तिगत जीवन अशांति से पीड़ित होता है और सामाजिक रूप से वह हमेशा किसी ना किसी विवाद में घिरा रहता है। मंगल की कुछ अशुभ दशाएं उस स्थिति में बहुत ही भयानक हो जाती हैं जब ये व्यक्ति को अति से ज्यादा क्रूर बना देती हैं। इस प्रकार का व्यक्ति किसी की हत्या तक कर सकता है। इसलिए नीच मंगल का उपचार करना बहुत ही आवश्यक है। वक्री या अस्त मंगल अशुभ स्थितियां पैदा करता है। ऐसी कुंडली वाले व्यक्ति अत्यधिक क्रोधी हो सकते हैं। ये सदा किसी ना किसी बात पर दुखी रहते हैं, ऐसे में कई बार परिस्थितियों से हारकर ये अत्यधिक क्रूर भी हो जाते हैं।

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