comScore

जबरदस्त तेजी के बाद शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 503 अंक लुढका

जबरदस्त तेजी के बाद शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 503 अंक लुढका

हाईलाइट

  • शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी के बाद बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली
  • सेंसेक्स 503 पॉइंट की गिरावट के साथ बंद हुआ
  • निफ्टी में 148 पॉइंट की गिरावट देखी गई

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी के बाद बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 503 पॉइंट की गिरावट के साथ 38,593.52 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयर पर आधारित सूचकांक निफ्टी में भी 148 पॉइंट की गिरावट देखी गई। यह 11,440.20 के स्तर पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट सरकारी बैंकों के शेयरों में देखने को मिली। बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 4 साल की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट देखने को मिली। यह करीब 7% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

कैसा रहा दिनभर का कारोबार?
सेंसेक्स सुबह 9.94 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 39,087.20 पर खुला और 503.62 (1.29%) की गिरावट के साथ 38,593.52 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेसेंक्स ने 39,087.20 के ऊपरी और 38,510.97 के नीचले स्तर को छुआ। जबकि निफ्टी 23.35 अंक की गिरावट के साथ 11,564.85 पर खुला और 148.00 (1.28%) की गिरावट के साथ 11,440.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 11,564.95 के ऊपरी और 11,416.10 के निचले स्तर को छुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट
BSE का मिडकैप इंडेक्स 255.58 (1.76%) की गिरावट के साथ 14,225.12 और स्मॉलकैप इंडेक्स 204.43 (1.50%) की गिरावट के साथ 13,383.77 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.90% की गिरावट देखी गई। यह 16,318.75 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी का स्मॉलकैप 100 इंडैक्स 1.95% की गिरावट के साथ 5,715.90 के स्तर पर बंद हुआ।

NSE पर 10 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में
NSE पर 11 सेक्टोरल इंडेक्स में से 10 लाल निशान में बंद हुए। केवल निफ्टी आईटी ही ऐसा इंडेक्स रहा जो हरे निशान में बंद हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.27% की बढ़त देखी गई। जबकि निफ्टी बैंक 1.98%, निफ्टी ऑटो 3.90%, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 1.92%, निफ्टी एफएमसीजी 1.23%, निफ्टी मीडिया 1.96%, निफ्टी मेटल 2.63%, निफ्टी फार्मा 1.30%, निफ्टी पीएसयू बैंक 5.63%, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.33% और निफ्टी रिएल्टी में 3.06% की गिरावट देखी गई।

SBI के शेयर में 7% की गिरावट
मॉर्गन स्टेनली के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टॉक को ओवरवेट से इक्वल वेट में डाउनग्रेड करने के बाद इसमें 4 साल की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट देखने को मिली। बाजार में व्यापक मुनाफावसूली भी स्टॉक में हुई, जिस कारण यह स्टॉक बीएसई पर 7.37 प्रतिशत या 22.30 रुपये की गिरावट के साथ 280.15 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले 24 अगस्त 2015 को, स्टॉक 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया था।

52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब यस बैंक
यस बैंक का स्टॉक एनएसई पर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब 53.25 रुपये तक गिर गया। मंगलवार को यस बैंक का स्टॉक 56.05 रुपए पर बंद हुआ था। बुधवार को 55.90 रुपए पर ओपन होने के बाद स्टॉक ने 56.85 रुपए के ऊपरी स्तर और 53.10 के निचले स्तर को छुआ। 5% की गिरावट के साथ यह स्टॉक 53.25 रुपए पर बंद हुआ। लैंडर के फंड रेज करने के एक बयान के बावजूद इस स्टॉक में गिरावट देखी गई। 

सेंसेक्स टॉप लूजर्स:

Security Name

LTP

% Chg

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  

7.37%

 280.15

टाटा मोटर्स

6.00%

123.00

टाटा मोटर्स डीवीआर

5.84%

56.40

मारुति

5.25%

6641.50

यस बैंक

4.19%

53.70


 निफ्टी टॉप लूजर्स:

Security Name

LTP

% Chg

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

7.70%

279.30

टाटा मोटर्स

5.92%

123.15

यस बैंक

5.00%

53.25

आइशर मोटर्स

4.54%

17596.70

मारुति

4.41%

6700.00


क्या है गिरावट के कारण?
अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल
अमेरिका में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल ने दुनिया भर में इक्विटी बाजारों को प्रभावित किया और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदीमीर जेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वह ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाईडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू करें। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। 

प्रॉफिट बुकिंग
शेयर बाजार में आए जबरदस्त उठाल के बाद बुधवार को ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की। बीते तीन दिनों में सेंसेक्स में करीब 3000 और निफ्टी ने लगभग 900 अंकों की तेजी देखने को मिली थी। एक्सपर्ट्स ट्रेडर्स को हाई लेवल्स पर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि 'आगामी सत्रों में निवेशकों को बाजार की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि अस्थिरता अधिक रहेगी।'

चीन-अमेरिका ट्रेड डील की घटती संभावना
संयुक्त राष्ट्र साधारण सभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन की कड़ी आलोचना की थी। ट्रंप ने कहा था, 'चीन के विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने के बाद अमेरिका ने 60 हजार कारखाने गंवा दिए। दुनिया के दूसरे देशों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। विश्व व्यापार संगठन में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत है। दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था को विकासशील होने के नाम पर दूसरे देशों की व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।' ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील होने की संभावना घट गई है।

कमेंट करें
gA7Ym