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कौन हैं वो लोग, जो बनाएंगे मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट? 

January 26th, 2018 11:16 IST
कौन हैं वो लोग, जो बनाएंगे मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट? 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 29 जनवरी से पार्लियामेंट का बजट सेशन शुरू हो रहा है और 1 फरवरी को फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली 2018-19 का बजट पेश करेंगे। इस बार के बजट इसलिए भी खास है, क्योंकि ये मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट है। लिहाजा सरकार इस बजट में सभी वर्गों को टारगेट करने की कोशिश करेगी, ताकि उसका फायदा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में मिल सके। यूं तो बजट बनाने में बहुत सारे लोगों की एक टीम होती है, लेकिन इनको गाइड करने वाले सिर्फ चुनिंदा लोग ही होते हैं। बजट पेश होने में अब 15 दिन से भी कम का वक्त बचा है, तो आइए जानते हैं वो कौन लोग हैं, जो मोदी सरकार का आखिरी बजट बनाने में जुटे हुए हैं।


1. राजीव कुमार, वाइस प्रेसिडेंट, नीति आयोग

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राजीव कुमार फिलहाल नीति आयोग के वाइस प्रेसिडेंट हैं। इससे पहले राजीव कुमार फेडरेशन ऑर इंडियन इंडस्ट्री (FII) के चीफ इकोनॉमिस्ट भी रह चुके हैं। इसके साथ ही वो एशियन डेवलपमेंट बैंक में भी बड़ी पोस्ट पर रहे हैं। इसके अलावा राजीव कुमार को फाइनेंस और इंडस्ट्रियल मिनिस्ट्री में काम करने का एक्सपीरियंस भी है। उनके पास बजट से जुड़े अहम डिपार्टमेंट्स का काम होता है।

2. हसमुख अधिया, फाइनेंस सेक्रेटरी

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रेवेन्यू ऑफिसर के तौर पर काम कर चुके हसमुख अधिया अभी फाइनेंस सेक्रेटरी है और इनके पास बजट का सबसे अहम काम होता है। फाइनेंस को अलग-अलग सेक्टर्स और डिपार्टमेंट्स में कैसे बांटना है? इसकी जिम्मेदारी हसमुख अधिया के पास ही रहती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की स्कीमों के लिए फंड कहां से और कैसे आएगा? इसकी जिम्मेदारी भी इन्हीं के पास है।

3. अरविंद सुब्रमण्यम, चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर

अरविंद सुब्रमण्यम अभी केंद्र सरकार के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर हैं और बजट में इनका बहुत बड़ा रोल होता है। सुब्रमण्यम के पास देश की रियल फाइनेंशियल सिचुएशन को लेकर सुझाव देने की जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही सुब्रमण्यम ही बजट का खाका तैयार करते हैं।

4.  प्रशांत गोयल, ज्वॉइंट सेक्रेटरी, बजट

बजट में ज्वॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे प्रशांत गोयल एक IAS ऑफिसर हैं। बजट तैयार करने में प्रशांत गोयल का बहुत बड़ा रोल होता है। प्रशांत गोयल लगातार फाइनेंस मिनिस्ट्री और अरुण जेटली से संपर्क में रहते हैं। इसके साथ ही इन्हीं के निर्देशों पर बजट की आउटलाइन तैयार की जाती है।

5. शिवप्रताप शुक्ला और पी राधाकृष्णन

बजट तैयार करने और पेश करने में सबसे बड़ा रोल फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली का रहता है। उनके बाद नंबर आता है शिवप्रताप शुक्ला और पी राधाकृष्णन का। ये दोनों ही सांसद हैं और फाइनेंस मिनिस्ट्री में राज्यमंत्री हैं। इन दोनों के ऊपर भी उतनी ही जिम्मेदारी होती है, जितनी अरुण जेटली पर है।

1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

फाइनेंशियल 2018-19 के लिए यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली 1 फरवरी को बजट पेश करेंगे। इस बात की जानकारी पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर अनंत कुमार ने पिछले हफ्ते दी थी। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया था कि बजट सेशल दो हिस्सों में बुलाया जाएगा। इसका पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगाा, जबकि दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा।

पहले 28 फरवरी को पेश होता था बजट

2016 तक बजट हमेशा 28 फरवरी को ही पेश किया जाता था, लेकिन साल 2017 में मोदी सरकार ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए इसकी तारीख 1 फरवरी कर दी थी। इसके साथ ही रेल बजट को भी पहले अलग से पेश किया जाता था, लेकिन पिछले साल रेल बजट को भी आम बजट में शामिल करने का फैसला लिया गया था। बता दें कि पिछली साल सरकार ने जब 1 फरवरी को बजट पेश करने का फैसला लिया था, तो इसका विरोध हुआ था क्योंकि उस वक्त यूपी समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव चल रहे थे और विपक्ष ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था। वहीं सरकार ने इसके पीछे तर्क दिया था कि 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होती है। ऐसे में जल्द बजट पेश करने से समय पर धन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। इस बदलाव के साथ ही रेल बजट को भी अलग से पेश करने की परंपरा को समाप्त कर दिया गया था। रेल बजट को भी अब आम बजट में ही मिला दिया गया है।

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