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कौन हैं वो 4 जज, जिन्होंने उठाए चीफ जस्टिस पर सवाल ?

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 13th, 2018 11:02 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार 4 सीनियर जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे. चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने मीडिया से बात की। जस्टिस जे. चेलामेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है और इसकी शिकायत हमने चीफ जस्टिस से भी की, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।' इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर सीनियर जजों की बात नहीं सुनने के भी आरोप लगाए। आइए एक नजर डालते हैं, उन सभी चारों जजों की प्रोफाइल पर..

जस्टिस जे. चेलामेश्वर : 

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जस्टिस जे. चेलामेश्वर का पूरा नाम जस्ती चेलामेश्वर है। जस्टिस चेलामेश्वर का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में 23 जुलाई 1953 को हुआ था। जस्टिस चेलामेश्वर ने मद्रास लोयला कॉलेज से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद उन्होंने 1976 में लॉ की पढ़ाई की आंध्र यूनिवर्सिटी से की। इसके बाद 13 अक्टूबर 1995 को चेलामेश्वर एडिशनल एडवोकेट जनरल बने। 2011 में सुप्रीम कोर्ट के जज बनने से पहले जस्टिस चेलामेश्वर गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं। जस्टिस चेलामेश्वर ने जजों की अपॉइंटमेंट को लेकर नेशनल ज्यूरिडिक्शन अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का समर्थन भी किया था और वो कई बार कॉलेजियम सिस्टम की आलोचना भी कर चुके हैं।

जस्टिस रंजन गोगोई : 

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जस्टिस रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ था और वो पहली बार 1978 में एडवोकेट बने। गुवाहाटी हाईकोर्ट में जस्टिस गोगोई काफी लंबे समय तक वकालत की और 28 फरवरी 2001 को वो गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बनाए गए। इसके बाद 9 सितंबर 2010 को जस्टिस गोगोई पंजा-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने और 23 अप्रैल 2012 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज अपॉइंट किया गया। माना जा रहा है कि इस साल अक्टूबर में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद जस्टिस रंजन गोगोई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनाए जा सकते हैं। बता दें कि जस्टिस गोगोई के पिता केशब चंद्र गोगोई असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

जस्टिस मदन भीमराव लोकुर : 

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जस्टिस मदन भीमराव लोकुर का जन्म 31 दिसंबर 1953 को हुआ था। जस्टिस लोकुर ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ाई की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के सैंट स्टीफन कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही 1977 में एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की। साल 2010 में जस्टिस लोकुर फरवरी से मई तक दिल्ली हाईकोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे और इसके अगले ही महिने यानी जून 2010 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। इसके बाद जस्टिस लोकुर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपॉइंट किए गए। जस्टिस लोकुर दिसंबर 1990 से लेकर 1996 तक केंद्र सरकार के एडवोकेट रहे हैं और कई केस में उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से पैरवी की है। 1997 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया गया। उन्हें 4 जून 2012 को सुप्रीम कोर्ट का जज अपॉइंट किया गया था।

जस्टिस कुरियन जोसेफ : 

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जस्टिस कुरियन का जन्म 30 नवंबर 1953 को केरल में हुआ था। उन्होंने केरल लॉ एकेडमी से लॉ की पढ़ाई पूरी की। जस्टिस कुरियन जोसेफ ने 1979 से केरल हाईकोर्ट से वकालत शुरू की। 1987 में सरकारी एडवोकेट बनने के बाद जस्टिस कुरियन 1994-96 तक एडिशनल जनरल एडवोकेट भी रहे हैं। 1996 में जस्टिस कुरियन को सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया गया और 12 जुलाई 2000 को वो केरल हाईकोर्ट में जज बने। इसके बाद 8 फरवरी 2010 से 7 मार्च 2013 तक जस्टिस कुरियन हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे। 8 मार्च 2013 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज अपॉइंट किया गया और वो इसी साल 29 नवंबर को रिटायर होंगे।  

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