12 सालों में सबसे परिवर्तनकारी काल का साक्षी बना भारत, पीएम मोदी के नेतृत्व में बदली सोच राजनाथ सिंह

12 सालों में सबसे परिवर्तनकारी काल का साक्षी बना भारत, पीएम मोदी के नेतृत्व में बदली सोच राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पिछले 12 सालों में भारत सबसे परिवर्तनकारी काल का साक्षी बना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सोच बदली है। जब भारत की मानसिकता बदली, तो दुनिया ने भी भारत को देखने का अपना नजरिया बदल दिया है।

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पिछले 12 सालों में भारत सबसे परिवर्तनकारी काल का साक्षी बना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सोच बदली है। जब भारत की मानसिकता बदली, तो दुनिया ने भी भारत को देखने का अपना नजरिया बदल दिया है।

राजनाथ सिंह ने शनिवार को 'एनबीटी उत्सव 2026' में हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "आज यह नहीं पूछा जाता कि 'क्या भारत यह कर सकता है?' अब पूछा जाता है कि 'भारत कब तक यह कर लेगा'।"

रक्षा मंत्री ने बताया कि 2021 में सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की। उस समय बड़े-बड़े विशेषज्ञों के विश्लेषण छपे और बताया गया कि भारत सेमीकंडक्टर चिप नहीं बना सकता है। लेकिन हम अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे। हमने पूरे देश में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के आधार पर सेमीकंडक्टर पार्क बनाए और पिछले साल हमने 'मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप' बनाने में सफलता हासिल कर ली है।

उन्होंने कहा कि 2014 में जब सरकार ने 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत की तो विपक्ष ने इस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे 'फेलियर' तक कह दिया। लेकिन 'मेक इन इंडिया' आज सफलता के नए कीर्तिमान बना रहा है। रक्षा मंत्री ने बताया कि मोबाइल मैनुफैक्चरिंग पहले केवल 18000 करोड़ रुपए की वैल्यू की थी, जो आज 28 गुना बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। मोबाइल एक्सपोर्ट्स तो पहले नाम मात्र का था, जो करीब 163 गुना बढ़कर 2.6 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि 2014 तक भारत 50 हजार करोड़ रुपए के आसपास के ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट करता था। आज भारत एक साल में एक लाख बीस हजार करोड़ रुपए के ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट कर रहा है। भारत ने सौ से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल का एक्सपोर्ट शुरू किया है। आज भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने स्वदेशी 'हाई हॉर्सपावर लोकोमोटिव' बनाया है। इतना ही नहीं, पहली बार दुनिया में इस इंजन को ब्रॉड-गेज ट्रैक पर सफलतापूर्वक संचालित करने का कीर्तिमान भी भारत ने स्थापित किया है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि साल 2026 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन एक लाख 78 हजार करोड़ रुपए से पार हो चुका है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 'मेड इन इंडिया' डिफेंस प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा मजबूत हुआ है। डिफेंस एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड 38 हजार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है।

इसी तरह, आर्टिकल-370, 'मेड इन इंडिया 5जी' और यूपीआई जैसी उपलब्धियों को गिनाते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "पिछले एक दशक की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ यह नहीं है कि भारत ने क्या-क्या हासिल किया है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह भी है कि भारत ने अपनी सोच बदली है। हमारी सरकार ने देश में काम करने की संस्कृति भी बदल दी है। एक समय था, जब परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन वे वर्षों तक अटकी रहती थीं। लेकिन आज जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं।"

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति, 'हमारी पहचान, हमारी एकता और हमारी राष्ट्रीय चेतना' का आधार है। इसलिए हमने विकास के साथ-साथ अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत को भी बहुत महत्व दिया है।

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Created On :   4 July 2026 1:07 PM IST

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