अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल की ऐतिहासिक उपलब्धि, पांच साल में 1000 ऑर्गन और टिशू डोनेशन

अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल की ऐतिहासिक उपलब्धि, पांच साल में 1000 ऑर्गन और टिशू डोनेशन
अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल ने ऑर्गन डोनेशन के क्षेत्र में एक अनोखी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 27 दिसंबर 2020 को शुरू हुए ऑर्गन डोनेशन प्रोग्राम को आज सिर्फ़ 5 साल और 87 दिन पूरे हुए, कुल 1000 ऑर्गन और टिशू डोनेशन मिले हैं। इस कामयाबी ने सिविल हॉस्पिटल को न सिर्फ़ गुजरात में बल्कि पूरे देश में ऑर्गन डोनेशन के फील्ड में एक लीडिंग इंस्टीट्यूशन के तौर पर स्थापित किया है।

अहमदाबाद, 24 मार्च (आईएएनएस)। अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल ने ऑर्गन डोनेशन के क्षेत्र में एक अनोखी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 27 दिसंबर 2020 को शुरू हुए ऑर्गन डोनेशन प्रोग्राम को आज सिर्फ़ 5 साल और 87 दिन पूरे हुए, कुल 1000 ऑर्गन और टिशू डोनेशन मिले हैं। इस कामयाबी ने सिविल हॉस्पिटल को न सिर्फ़ गुजरात में बल्कि पूरे देश में ऑर्गन डोनेशन के फील्ड में एक लीडिंग इंस्टीट्यूशन के तौर पर स्थापित किया है।

यह ऐतिहासिक 1000वां आंकड़ा संखेड़ा के 60 साल के रमेशभाई बाबूभाई तड़वी के ऑर्गन डोनेशन के साथ पूरा हुआ है। एक एक्सीडेंट के बाद इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। ऐसी दुखद स्थिति में भी उनकी पत्नी नाथीबेन और परिवार ने उनके ऑर्गन डोनेट करने का दिल को छू लेने वाला फैसला लिया, जिससे इंसानियत की सबसे अच्छी मिसाल पेश हुई। रमेशभाई के इस डोनेशन से एक लिवर, दो किडनी और दो आंखें मिली हैं, जो ज़रूरतमंद मरीज़ों के लिए नई ज़िंदगी की उम्मीद बनेंगी।

सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी का कहना है कि ऑर्गन डोनेशन सिर्फ़ एक डोनेशन नहीं है, बल्कि ‘ज़िंदगी से ज़िंदगी’ का एक पवित्र सफ़र है। आज तक कुल 1000 डोनेशन मिल चुके हैं, जिनमें 767 ऑर्गन और 233 टिशू शामिल हैं, जिनसे 745 से ज़्यादा मरीज़ों को नई ज़िंदगी मिली है।

हॉस्पिटल की इस कामयाबी के पीछे टीमवर्क, ट्रांसपेरेंसी और बहुत अच्छा कोऑर्डिनेशन ज़िम्मेदार है। इस परफॉर्मेंस को नेशनल लेवल पर भी नोट किया गया है, जिसमें सिविल हॉस्पिटल को साल 2022-23 में ऑर्गन डोनेशन के फील्ड में बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए नॉट्टो और रोट्टो ने बेस्ट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर, बेस्ट ब्रेन डेड कमेटी और बेस्ट ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर जैसे जाने-माने अवॉर्ड दिए।

74 ऑर्गन डोनेशन पूरे होने पर ऑर्गन डोनर्स के परिवारों और हॉस्पिटल टीम को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने भी सम्मानित किया।

इसकी संख्या कुल 232 ब्रेन डेड डोनर्स और 86 मृतक डोनर्स हैं। अब तक 427 किडनी, 206 लिवर, 192 आंखें, 73 दिल, 41 स्किन, 34 फेफड़े, 19 पैंक्रियास, 6 हाथ और 2 आंतें डोनेट की जा चुकी हैं। सबसे ज़्यादा 90 ऑर्गन डोनर 41 से 60 साल के हैं, जबकि 13 से 25 साल के 44 युवाओं ने भी ऑर्गन डोनेट किए हैं। 177 मेल ऑर्गन डोनर और 55 फीमेल ऑर्गन डोनर ने इस सर्विस में अपना कीमती योगदान दिया है।

हॉस्पिटल ने गुजरात का पहला हैंड डोनेशन, पहला स्मॉल इंटेस्टाइन डोनेशन, एक ही दिन में तीन ऑर्गन डोनेशन और लगातार छह दिनों में छह ऑर्गन डोनेशन जैसे कई रिकॉर्ड बनाए हैं।

ऑर्गन डोनर में से 203 गुजरात से हैं, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे राज्यों और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के डोनर भी शामिल हैं।

सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद की यह अचीवमेंट सिर्फ़ एक नंबर नहीं, बल्कि इंसानियत की जीती-जागती कहानी है जहां दुख के पलों में बिना किसी स्वार्थ के लिया गया फैसला कई परिवारों में खुशियों का दीया जलाता है। डॉ. राकेश जोशी के अनुसार, अगर समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ेगी, तो भविष्य में अंगों की कमी के कारण किसी भी मरीज की जान नहीं जाएगी।

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Created On :   24 March 2026 9:10 PM IST

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