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पड़ताल: फर्जी पुलिस रेड का हाई प्रोफाइल ड्रामा कर नागपुर के व्यापारी से 12 लाख उड़ाए, नकली पुलिस बनकर वारदात को दिया अंजाम

Mumbai News. सबसे पॉश बिजनेस हब बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में ठगी का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहां सात शातिरों के गिरोह ने फर्जी पुलिस रेड का नाटक रचकर नागपुर के एक कपड़ा व्यापारी से 12 लाख की नकदी उड़ा दी। इस घटना ने न सिर्फ मुंबई पुलिस को अलर्ट कर दिया है, बल्कि कारोबारी जगत में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले में बीकेसी पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। इस गिरोह में शामिल चार आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर मौके पर पहुंचे और रेड का हौवा खड़ा कर दिया, जबकि उनके बाकी साथियों ने पहले ही व्यापारी से नकदी अपने कब्जे में ले ली थी।
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पुलिस के मुताबिक, पीड़ित निलेश गायकवाड़ नया गारमेंट बिजनेस शुरू करने की तैयारी में थे। इसके लिए उन्होंने परिवार और दोस्तों से 12 लाख की रकम जुटाई थी। अक्टूबर 2025 में दिल्ली में कपड़ों की खरीदारी के दौरान उनकी मुलाकात साहिल नामक युवक से हुई। साहिल ने भरोसा जीतते हुए उन्हें अपने साथी निहाल बंसल से मिलवाया और दावा किया कि वह मुंबई में गारमेंट फैक्ट्री चलाता है। निहाल बंसल ने गायकवाड़ को थोक में सस्ते दाम पर कपड़े देने का झांसा दिया और पूरी डील नकद में करने की शर्त रखी। योजना के तहत 15 मार्च को गायकवाड़ मुंबई और 18 मार्च की सुबह सांताक्रूज़ के एक होटल के पास 12 लाख नकद लेकर पहुंचे।बंसल के निर्देश पर गायकवाड़ ने यह रकम रोहन अग्रवाल को सौंप दी, जिसने कपड़ों की डिलीवरी का भरोसा दिया। इसके बाद गायकवाड़ और उनके दो दोस्तों को बीकेसी बुलाया गया, जहां कुछ ही देर में एक इनोवा कार आकर रुकी। कार से उतरे चार लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए जोर-जोर से रेड की बात कहनी शुरू कर दी। अचानक बने इस तनावपूर्ण माहौल में गायकवाड़ और उनके साथी घबरा गए।
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इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद जब गायकवाड़ ने निहाल बंसल से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद मिला। तब उन्हें समझ आया कि वे एक सुनियोजित ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों में साहिल, निहाल बंसल, रोहन अग्रवाल समेत चार अज्ञात नकली पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की है। प्राथमिक जांच में पुलिस को शक है कि यह गिरोह पेशेवर ठगों का है, जो पहले भी इसी तरह फर्जी रेड के जरिए लोगों को निशाना बना चुका है। फिलहाल, सभी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
Created On :   24 March 2026 9:04 PM IST










