विधानसभा प्रश्नोत्तर: दिव्यांग कल्याण विभाग में एमपीएससी से होगी अधिकारियों की भर्ती, एमपीआईडी कानून में होगा बड़ा बदलाव

दिव्यांग कल्याण विभाग में एमपीएससी से होगी अधिकारियों की भर्ती, एमपीआईडी कानून में होगा बड़ा बदलाव
  • दिव्यांग कल्याण विभाग में एमपीएससी से होगी अधिकारियों की भर्ती, जिला स्तर पर सिस्टम मजबूत करने की तैयारी- सावे
  • पीड़ितों को जल्दी मिलेगा पैसा, एमपीआईडी कानून में होगा बड़ा बदलाव

Mumbai News. राज्य में दिव्यांग कल्याण योजनाओं को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिव्यांग कल्याण मंत्री अतुल सावे ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य संजय केलकर के सवाल के जवाब में बताया कि विभाग में अधिकारियों की भर्ती अब महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के जरिए की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही नियुक्तियां शुरू होंगी। मंत्री सावे ने कहा कि दिव्यांग कल्याण विभाग को स्वतंत्र करने के बाद अब जिला स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। चयनित अधिकारियों का प्रशिक्षण जारी है और ट्रेनिंग पूरी होते ही उन्हें नियमित नियुक्ति दी जाएगी। राज्य सरकार 18 से 45 वर्ष के दिव्यांगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है। फिलहाल 110 स्किल और उद्यमिता विकास केंद्रों में एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिन लाभार्थियों के दस्तावेज अधूरे हैं, उनके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंत्री सावे ने साफ कहा कि दिव्यांग कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एमपीआईडी कानून में होगा बड़ा बदलाव: 6 महीने में फैसला, पीड़ितों को जल्दी मिलेगा पैसा- फडणवीस

आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में फंसे निवेशकों को राहत देने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि महाराष्ट्र ठेवीदार संरक्षण कानून (एमपीआईडी) में अहम बदलाव किए जाएंगे, ताकि जब्त संपत्तियों को बेचकर पीड़ितों का पैसा जल्दी लौटाया जा सके। यह मुद्दा विधायक हेमंत ओगले ने सदन में उठाया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अभी एमपीआईडी के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया काफी समय लेने वाली है। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार अब ऐसे मामलों का निपटारा 6 महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा। साथ ही किसी भी केस में दो से ज्यादा बार तारीख (स्थगन) नहीं दी जाएगी। सरकार जब्त संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया को तेज करने के लिए नए उपाय कर रही है। कई मामलों में वैल्यूएशन लंबित होने के कारण देरी हो रही है, इसलिए अब निजी सलाहकारों की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे संपत्तियों की जल्द नीलामी हो सकेगी और निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल पाएगा। गृह राज्यमंत्री (शहर) योगेश कदम ने बताया कि अहिल्यानगर जिले में सिस पे, ग्रो मोर और ग्रो इन्वेस्टर जैसी कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं। कुछ आरोपी विदेश भाग गए हैं, जिनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

Created On :   24 March 2026 8:58 PM IST

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