निशाना: फडणवीस बोले - जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था, वो बात पकड़कर बैठ गए, उद्धव ठाकरे का पलटवार

फडणवीस बोले - जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था, वो बात पकड़कर बैठ गए, उद्धव ठाकरे का पलटवार
  • विप में सेवानिवृत्त होने वाले 9 विधायकों को दी गई विदाई
  • ऐसी कौन सी बात थी कि और किसी का हाथ पकड़ना पड़ा - उद्धव ठाकरे
  • जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था, वो बात पकड़कर बैठ गए - फडणवीस
  • संजय गांधी नेशनल पार्क में जंगली जानवरों का तीर-कमान से शिकार का आरोप

Mumbai News. विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साल 2019 के विधानसभा चुनाव बाद साथ छोड़ने को लेकर शायराना अंदाज में एक-दूसरे का कटाक्ष किया। सदन में फडणवीस और उद्धव के बीच जुगलबंदी भी देखने को मिली। फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना (अविभाजित) का गठबंधन था। लेकिन साल 2019 के विधानसभा चुनाव बाद जो कुछ हुआ, उसके बाद हमारा गठबंधन टूट गया। मुख्यमंत्री ने शेर पढ़ते हुए कहा - साजिश की सौगात पहनकर बैठ गए, अनचाहे हालत पकड़कर बैठ गए। जिनको मेरा हाथ पकडकर चलना था, हैरत है कि वो बात पकड़कर बैठ गए। फडणवीस का इशारा साल 2019 के विधानसभा चुनाव बाद उद्धव की ओर से मुख्यमंत्री पद पर किए गए दावे को लेकर लेकर था। इसके जवाब में उद्धव ने मुख्यमंत्री से कहा कि ऐसी कौन से बात थी कि किसी और का हाथ पकड़ना पड़ा। मंगलवार को विधान परिषद के शिवसेना (उद्धव) के विधायक उद्धव ठाकरे समेत 9 विधायकों को विदाई दी गई। विदाई प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्धव को स्वभाव राजनीतिज्ञ नहीं है। इसलिए उनके फैसलों से कई बार अलग-अलग प्रकार की परिस्थिति पैदा हो जाती है। लेकिन शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की तरह उद्धव भी नतीजे का परवाह किए बिना फैसले लेते हैं। फडणवीस ने कहा कि मेरी साल 2010 से उद्धव के साथ दोस्ती है। साल 2014 के बाद यह दोस्ती और करीब हुई। अब हम दोनों के रास्ते अलग-अलग है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कहूंगा दोस्ती खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार उद्धव भिड़ते और प्रतिवाद करते नजर आते हैं। लेकिन उनका मूल स्वभाव शांत और संयमी नेता की है। मुख्यमंत्री ने उद्धव की फोटोग्राफी की जमकर तारीफ भी की। इसके बाद उद्धव ने फडणवीस से कहा कि आप मुझे बेहद करीब से जानते हैं। फिर ऐसी कौन सी बात थी कि और किसी का हाथ पकड़ना पड़ा। उद्धव ने कहा कि यह सच है कि मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूं। मैं मूल रूप से कलाकार हूं। उन्होंने कहा कि मैं विधानमंडल में मुख्यमंत्री बनकर आया था। लेकिन जब मैंने मुख्यमंत्री आवास वर्षा को छोड़ा तो कुछ दिन बाद मातोश्री में एक अफसर आए थे। उन्होंने मुझसे कि आपका मुख्यमंत्री पद जाने वाला है फिर भी आप विचलित नहीं है। इस पर मैंने उनसे कहा था कि जो चीज अपनी नहीं होती है, उसको स्वीकार करने पर खुशी मनाने की आवश्यकता नहीं होती है और जो अपना होता ही नहीं है उसको छोड़ने में दुखी होने की भी जरूरत नहीं है। उद्धव ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में स्वार्थ के लिए भैंसे काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सभी को घर बैठकर ही पद दिया था।

शिंदे ने उद्धव को साहब कहकर किया संबोधित

विधान परिषद में सदन के नेता तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव को साहब कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे समेत 9 विधायकों को विदाई जा रही है। मेरी पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे साहब को अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएं हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने ठाकरे और पवार परिवार के रिश्ते को याद किया।

इन 9 विधायकों दी गई विदाई

विधान परिषद के 9 विधायकों को विदाई दी गई। विधान परिषद में शिवसेना (उद्धव) के विधायक उद्धव ठाकरे, शिवसेना (शिंदे) की विधायक तथा सदन की उपसभापति नीलम गोर्हे, राकांपा (अजित) के विधायक अमोल मिटकरी, राकांपा (शरद) के विधायक शशिकांत शिंदे, कांग्रेस के विधायक राजेश राठोड, भाजपा के विधायक संदीप जोशी, भाजपा के विधायक दादाराव केचे, भाजपा के विधायक रणजीतसिंह मोहिते-पाटील और भाजपा के विधायक संजय केनेकर को विदाई दी गई। इन सभी 9 विधायकों का कार्यकाल 13 मई 2026 को खत्म हो जाएगा।

संजय गांधी नेशनल पार्क में जंगली जानवरों का तीर-कमान से शिकार का आरोप

संजय गांधी नेशनल पार्क ठाणे में जंगली जानवरों के शिकार को लेकर शिवसेना (उद्धव) नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पार्क में तीर-कमान (धनुष-बाण) से खुलेआम शिकार किया जा रहा है। आदित्य ने कहा कि उनके पास ऐसी कई तस्वीरें आई हैं, जिनमें धनुष-बाण का इस्तेमाल कर जंगली जानवरों का शिकार किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर धनुष-बाण गलत हाथों में होगा, तो ऐसे ही घटनाएं सामने आएंगी। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सरकार ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद संजय गांधी नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा प्रणाली पर भी बड़ा सवाल होगा।

Created On :   24 March 2026 9:13 PM IST

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