- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- उपसभापति के सातारा पुलिस अधीक्षक...
मंत्री से हाथापाई मामला: उपसभापति के सातारा पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी को निलंबित करने के निर्देश को सभापति ने रोका !

Mumbai News. सातारा जिला परिषद (जिप) के अध्यक्ष पद के चुनाव में हुए हंगामे और पुलिस द्वारा प्रदेश के पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई से हाथापाई करने के मामले की गूंज विधानमंडल के दोनों सदनों में सुनाई दी। सोमवार को विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने सदन की उपसभापति नीलम गोर्हे के सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी को निलंबित करने के निर्देश पर फैसला आरक्षित रख लिया है। सदन में सुबह के समय उपसभापति गोर्हे ने दोशी के निलंबन का आदेश दिया था। मगर, दोपहर में सदन के भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कहा कि राज्य में आईएएस और आईपीएस अफसरों को निलंबित करने का अधिकार केवल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। विधानसभा में तालिका सभापति ने एक आईएएस अफसर का निलंबन किया था। लेकिन सरकार को बाद में संबंधित आईएएस अफसर का निलंबन वापस लेना पड़ा है। इसलिए मैं जानना चाहता हूं कि उपसभापति को आईपीएस अफसर को निलंबित करने का अधिकार है क्या ? इसके जवाब में सभापति ने कहा कि इस मामले को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच की घोषणा की है लेकिन विधान परिषद के सदन में हुई चर्चा के बाद गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है। इसलिए मैं इस पूरी प्रक्रिया के बारे में फैसले को आरक्षित रखता हूं। मैं उचित समय पर फैसला घोषित करूंगा। इससे सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल शिवसेना (शिंदे) और भाजपा के बीच टकराव बढ़ गया है। दरअसल, सोमवार को विधान परिषद की विशेष बैठक में शिवसेना (शिंदे) विधायक हेमंत पाटील ने सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में हंगामा होने और पुलिस द्वारा प्रदेश के पर्यटन मंत्री शिवसेना के मंत्री शंभुराज देसाई से हाथापाई करने का मुद्दा उठाया था। इससे बाद देसाई ने कहा कि सातारा पुलिस ने मेरे साथ ही प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मकरंद पाटील और राकांपा (शरद) के विधायक शशिकांत शिंदे के साथ दुर्व्यवहार किया है। मैंने अपने राजनीतिक जीवन में पुलिस का ऐसा बर्ताव पहली बार देखा है। इस दौरान शिवसेना (शिंदे), राकांपा (अजित) और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद उपसभापति गोर्हे ने कहा कि सरकार को इस मामले में जांच शुरू करने चाहिए थी। लेकिन कुछ कारणों से जांच शुरू नहीं हो पाई है। लेकिन मैं सरकार को सातारा के पुलिस अधीक्षक और अध्यक्ष पद के चुनाव में जिला परिषद सदस्यों को मतदान से वंचित रखने व मंत्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश देती हूं। उपसभापति ने सातारा के जिलाधिकारी और सातारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए। उन्होंने पुणे के विभागीय आयुक्त को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इस दौरान प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने सातारा पुलिस अधीक्षक का निलंबन वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए। गोरे ने नाम लिए बिना कैबिनेट मंत्री देसाई पर भी गंभीर आरोप भी लगाए। लेकिन सदन का नियमित काम शुरू होने के बाद दोपहर के समय सभापति ने उपसभापति के फैसले को आरक्षित रख लिया। बीते 20 मार्च को शिवसेना (शिंदे ) और राकांपा के दोनों गुटों के गठबंधन के पास बहुमत होने के बावजूद भाजपा ने सातारा जिला परिषद पर कब्जा किया था। एक तरीके से भाजपा ने शिवसेना (शिंदे) और राकांपा के दोनों गुटों से सत्ता छीन ली थी।
यह भी पढ़े -समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अभिनेता शाहरुख खान से रिश्वत नहीं मांगने का किया दावा, 24 मार्च को अगली सुनवाई
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पुलिस से मार खा रहे हैं- अनिल परब
विधान परिषद का नियमित कामकाज शुरू होने के बाद शिवसेना (उद्धव) के विधायक अनिल परब ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए सातारा जिला परिषद चुनाव में हुई घटना का मुद्दा उठाया। परब ने कहा कि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री देसाई पुलिस से मार खा रहे हैं। मंत्रियों को सदन में सभापति से सुरक्षा मांगनी पड़ रही है। जब प्रदेश के मंत्री ही सुरक्षित नहीं है, तो सरकार राज्य की जनता को कैसे सुरक्षा देगी। प्रदेश सरकार के मंत्रियों के साथ हाथापाई की ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। परब ने शिवसेना (शिंदे) और राकांपा (अजित) पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के मंत्री भाजपा का नाम सदन में लेने से बच रहे हैं। यदि शिवसेना (शिंदे) में हिम्मत होगी वह भाजपा से गठबंधन तोड़ देगी। क्योंकि शिवसेना (शिंदे) ने साल 2022 में अन्याय होने का आरोप लगाकर ही बगावत की थी। इसके जवाब में कैबिनेट मंत्री देसाई ने कहा कि भाजपा के साथ शिवसेना (शिंदे) सरकार में है। लेकिन शिवसेना (शिंदे) को सातारा जैसी घटना से कटु अनुभव आ रहे हैं।
Created On :   23 March 2026 10:07 PM IST











