सातारा जिप चुनाव विवाद: विधानसभा में डीसीएम शिंदे और मंत्री देसाई ने दिखाया दम, मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आश्वासन

विधानसभा में डीसीएम शिंदे और मंत्री देसाई ने दिखाया दम, मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
  • विपक्ष की भूमिका में दिखा शिंदे गुट
  • शिंदे ने कहा- सातारा में जो हुआ वह कलंकित

Mumbai News. विधानमंडल का बजट सत्र अपने अंतिम चरण में है पर इस दौरान विपक्ष अपनी छाप छोड़ने में असफल दिखाई दिया है। दूसरी तरफ सोमवार को सत्तधारी शिवसेना (शिंदे) के नेता ही विपक्ष की भूमिका में दिखाई दिए। सातारा जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के बीट का विवाद विधानभवन पहुंच गया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेताओं ने पहले विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद विधानसभा में उपमुख्यमंत्री शिंदे और मंत्री शंभुराज देसाई ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। शिंदे ने कहा कि सातारा के जिला पुलिस अधिक्षक (एसपी) को उनके द्वारा फोन करने के बाद भी मामले को नहीं सुलझाया गया। मंत्री देसाई ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। शिंदे की मांग पर फडणवीस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए।

शिंदे ने कहा- सातारा में जो हुआ वह कलंकित

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विधानसभा में कहा कि सातारा में जिला परिषद चुनाव के दौरान जो घटनाएं हुई हैं, वह पूरे राज्य के लिए कलंक का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति और कार्रवाई किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि बहुमत हमारे पक्ष में था लेकिन पुलिस प्रशासन ने जबरन हमारे लोगों पर मामले दर्ज कर दिया जिससे चुनाव प्रभावित हुआ। वहीं शिंदे गुट के मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि वह स्थानीय विधायक और मंत्री के होने के नाते वहां पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उनके साथ काफी घटिया बर्ताव किया। यहां तक कि मुझे चोट भी आई।

फडणवीस बोले - मामले की जांच होगी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सातारा में हुई घटनाओं की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

क्या है मामला

दरअसल सतारा जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा के खिलाफ सरकार में शामिल शिवसेना (शिंदे) ने राकांपा (अजित) के साथ मिलकर गठबंधन खड़ा किया था। पर भाजपा की

प्रिया शिंदे शिवसेना-राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार को शिकस्त देकर जिला परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं हैं। भाजपा ने मामूली अंतर से शिवसेना-राकांपा गठबंधन से अधिक मत हासिल कर शीर्ष पद पर जीत दर्ज की। पिछले सप्ताह चुनाव के दौरान यहां विवाद हो गया था। शिंदे गुट के मंत्री शंभूराज देसाई ने अपने साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार का दावा किया है। इसको लेकर सत्ताधारी महायुति में तनाव पैदा हो गया है।

Created On :   23 March 2026 9:37 PM IST

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