- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- राज्य में पिछले वर्ष 2 लाख 17 हजार...
खुलासा: राज्य में पिछले वर्ष 2 लाख 17 हजार से अधिक टीबी के मरीज मिले, आबिटकर बोले - संक्रमण की दर में आई गिरावट

Mumbai News. राज्य में टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं, लेकिन मरीजों की संख्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। विधानसभा एक प्रश्न के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि वर्ष 2025 (जनवरी से दिसंबर) के दौरान राज्य में 2 लाख 17 हजार 299 टीबी मरीजों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण व्यापक स्तर पर की जा रही स्क्रीनिंग और सर्वे अभियान हैं।
यह भी पढ़े -विधानसभा में डीसीएम शिंदे और मंत्री देसाई ने दिखाया दम, मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
स्क्रीनिंग बढ़ी, प्रतिशत दर घटी
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक
• 2021 में 9.54 लाख जांच में 2 लाख मरीज (20.98%)
• 2022 में 19.98 लाख जांच में 2.33 लाख मरीज (11.70%)
• 2023 में 26.22 लाख जांच में 2. 27 लाख मरीज ( 8.68%)
• 2024 में 35.39 लाख जांच में 2.30 लाख मरीज (6.51%)
• 2025 में 45.71 लाख जांच में 2.17 लाख मरीज (4.75%)
आंकड़ों से साफ है कि जांच की संख्या बढ़ने से मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं, लेकिन संक्रमण की प्रतिशत दर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जो नियंत्रण के संकेत माने जा रहे हैं। सरकार ने माना कि टीबी के प्रसार के पीछे कई सामाजिक और पर्यावरणीय कारण जिम्मेदार हैं। बढ़ता वायु प्रदूषण, घनी आबादी वाली बस्तियां, कमजोर जीवन स्तर और पोषण की कमी जैसे कारक संक्रमण को बढ़ावा देते हैं। टीबी मुख्य रूप से खांसी और छींक के जरिए हवा से फैलने वाला रोग है।
निक्षय पोषण योजना से आर्थिक मदद
टीबी मरीजों को पोषण सहायता देने के लिए निक्षय पोषण योजना चलाई जा रही है। इसके तहत हर मरीज को इलाज के दौरान प्रति माह एक हजार रुपए सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।जनवरी से सितंबर 2025 के बीच 60 हजार 396 मरीजों को 26.50 करोड़ वितरित किए गए हैं। जबकि अक्टूबर 2025 के बाद नई प्रणाली से 14 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। हालांकि, कुछ मामलों में भुगतान में देरी की समस्या भी सामने आई हैं। सरकार ने बताया कि टीबी को 2018 से अधिसूचित बीमारी घोषित किया गया है। इसलिए सभी निजी डॉक्टरों के लिए मरीजों का पंजीकरण अनिवार्य है।
Created On :   23 March 2026 9:42 PM IST











