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रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामला: कई बड़े खुलासे - मोबाइल एप के जरिए आगरा मॉड्यूल में शामिल शूटर और अन्य आरोपियों के संपर्क में था गोलू पंडित

Mumbai News दिवाकर सिंह. फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच ने साजिश की परतें एक-एक कर खोलनी शुरू कर दी हैं। इस मामले में गिरफ्तार 14वें आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जो इस वारदात को एक संगठित आपराधिक नेटवर्क से जोड़ते हैं। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि गोलू पंडित एक मोबाइल एप के जरिए आगरा मॉड्यूल में सक्रिय और रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों और अन्य आरोपियों के लगातार संपर्क में था। यही मोबाइल एप इस पूरे नेटवर्क के बीच कम्युनिकेशन का मुख्य जरिया बना हुआ था, जिससे न केवल बातचीत होती थी बल्कि पूरी साजिश का समन्वय भी किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच ने मुंबई लाने के बाद पंडित को रविवार को विशेष कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने उसे 1 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, इसी मोबाइल एप के जरिए पैसों का लेन-देन भी किया गया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गोलू पंडित ने शूटर दीपक शर्मा और अन्य आरोपियों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई थी। पुलिस को शक है कि यह फंडिंग वारदात को अंजाम देने की तैयारी और उसके बाद बच निकलने की योजना का अहम हिस्सा थी। यही नहीं, गोलू पंडित ने आरोपियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट भी दिया। इसमें संभावित रूप से ठिकाने की व्यवस्था, आने-जाने के साधन और वारदात के दौरान जरूरी संसाधनों की उपलब्धता शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि बिना इस सपोर्ट के इतनी सुनियोजित तरीके से फायरिंग की घटना को अंजाम देना मुश्किल था।
सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया है कि गोलू पंडित ने केवल सहयोग ही नहीं किया, बल्कि आरोपियों को वारदात को अंजाम देने के लिए लगातार प्रेरित भी किया। पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि वह पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोपियों के संपर्क में था और उन्हें मानसिक रूप से तैयार करने में भूमिका निभा रहा था। क्राइम ब्रांच अब इस पूरे मामले को एक बड़े आपराधिक नेटवर्क के तौर पर देख रही है। मोबाइल एप के जरिए हुए कम्युनिकेशन और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच अब इस केस की सबसे अहम कड़ी बन गई है। पुलिस डिजिटल सबूतों को खंगालते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किस स्तर पर उनकी भूमिका रही।
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दूसरी तरफ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गोलू पंडित की भूमिका ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि वारदात के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें हर आरोपी की तय भूमिका थी, जिसमें कोई शूटर, कोई फाइनेंसर और कोई कोऑर्डिनेटर था। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Created On :   22 March 2026 8:48 PM IST










