सरकार पर निशाना: सचिन सावंत बोले केंद्र और मुंबई पुलिस के पास नहीं है रोहिंग्या-बांग्लादेशियों का आंकड़ा, रोहित पवार ने फसल नुकसान का पंचनामा शुरु करने की मांग की

सचिन सावंत बोले केंद्र और मुंबई पुलिस के पास नहीं है रोहिंग्या-बांग्लादेशियों का आंकड़ा, रोहित पवार ने फसल नुकसान का पंचनामा शुरु करने की मांग की
  • मुंबई और महाराष्ट्र में रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीति जारी
  • सचिन सावंत ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए
  • रोहित पवार ने फसल नुकसान का पंचनामा शुरु करने की मांग की

Mumbai News. मुंबई और महाराष्ट्र में रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीति जारी है। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल “ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति” के लिए उठाया जा रहा है। सावंत ने दावा किया कि मुंबई पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के पास पिछले तीन साल में रोहिंग्या या बांग्लादेशियों की बढ़ती संख्या का कोई आधिकारिक डाटा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी रिकॉर्ड में जानकारी नहीं है, तो भाजपा नेता किस आधार पर आंकड़े पेश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय बड़ी संख्या में घुसपैठियों को वापस भेजा गया, जबकि मौजूदा सरकार के दौरान यह आंकड़ा काफी कम हो गया है। ऐसे में अगर घुसपैठ बढ़ी है, तो यह केंद्र की विफलता है। सावंत ने मालवणी में हुई कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के घर तोड़े गए, जिनमें हिंदू और दलित परिवार भी शामिल थे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया।

राज्य में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, सरकार जल्द शुरू करे पंचनामे - रोहित पवार

राज्य के कई हिस्सों में गुरूवार रात हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक बदले मौसम के कारण किसानों की कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का पंचनामा करने की मांग की है। रोहित ने कहा कि बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत मिलनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि प्रशासन तेजी से सर्वे कर नुकसान का सही आकलन करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएंगे। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं, चना, प्याज और अन्य रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसान पहले ही लागत बढ़ने और बाजार में उचित दाम न मिलने से परेशान थे, ऐसे में इस बेमौसम बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रोहित ने कहा कि कई जगहों से किसानों की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कुछ कार्य नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल टीम भेजकर सर्वे कराया जाए और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।




Created On :   20 March 2026 9:44 PM IST

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