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मामले में पकड़ा तूल: अशोक खरात केस में घिरीं रूपाली चाकणकर, मुख्यमंत्री ने इस्तीफा देने को कहा, मिटकरी और रोहित पवार ने जांच की मांग की

Mumbai News. नाशिक के कथित ज्योतिषी अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। इस केस में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक चाकणकर ने शुक्रवार देर शाम राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि फडणवीस ने उन्हें महिला आयोग की अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के निर्देश दिए हैं। अशोक खरात पर एक महिला के यौन शोषण का आरोप है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके कई कथित आपत्तिजनक वीडियो और मामलों का खुलासा होने की बात सामने आई है। इसी बीच, रूपाली चाकणकर के साथ उसकी फोटो और पैर धोते हुए वीडियो वायरल होने से विवाद और बढ़ गया। विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चाकणकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना (उद्धव) नेता सुषमा अंधारे और सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चाकणकर के इस्तीफे की मांग की थी। अंधारे ने तो यहां तक कहा कि चाकणकर पर मामला दर्ज कर उनका नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। बढ़ते दबाव के बीच रूपाली चाकणकर ने पहले पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से मुलाकात की और फिर मुख्यमंत्री से ‘वर्षा’ निवास पर जाकर चर्चा की। गौरतलब है कि रूपाली चाकणकर को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। पुलिस महानिदेशक दाते से मुलाकात में चाकणकर ने खरात प्रकरण की निष्पक्ष जांच को लेकर एक पत्र दिया है। जिसमें कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है और इस प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की मांग की गई है।
ढोंगी बाबा अशोक खरात पर सियासत तेज, मिटकरी-रोहित पवार की जांच की मांग
अश्लील बाबा अशोक खरात मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। एक महिला की शिकायत के बाद इस स्वयंभू ज्योतिष पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगने के बाद अब राकांपा के दोनों गुटों के नेताओं अमोल मिटकरी और रोहित पवार ने इस मामले को अजित पवार से जुड़े कथित घटनाक्रम से जोड़ते हुए जांच की मांग की है। मिटकरी ने सवाल उठाया कि क्या अशोक खरात का संबंध उस समय की घटनाओं से है, जब अजित पवार के विमान हादसे से पहले उनके आवास के बाहर जादू टोना से जुड़ी वस्तुएं मिलने की चर्चा थी। रोहित ने भी खरात पर सवाल उठाए हैं।
मिटकरी ने क्या कहा?
मिटकरी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने नवंबर 2025 की कुछ तारीखों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान अघोरी पूजा किए जाने की बातें सामने आई थीं। उनके अनुसार अशोक खरात का आश्रम भगवान शिव की पूजा से जुड़ा बताया जाता है, लेकिन वहां संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है। मिटकरी ने यह भी पूछा कि 27 और 28 जनवरी के बीच अजित पवार के कार्यक्रमों में बदलाव किसके कहने पर हुआ और क्या इसमें किसी ‘बाबा’ का प्रभाव था। उन्होंने संबंधित लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालने की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की। इधर रोहित पवार ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी फर्जी बाबा ने जादू टोना किया, तो उसे संरक्षण देने वाले राजनीतिक लोग कौन हैं? उनका उद्देश्य क्या था? रोहित ने यह भी मांग की कि उस दौरान अजित पवार के आवास पर आने-जाने वाले लोगों की जांच की जाए।
वहीं शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने इस पूरे मामले पर तंज कसते हुए कहा कि इस प्रकरण के कारण राज्य के कई मंत्री तनाव में हैं और उन्हें कभी भी आईसीयू में भर्ती कराना पड़ सकता है। राऊत ने कहा कि जब फर्जी बाबा खरात की गिरफ्तारी हो गई है तो राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच सवाल उठते देख चाकणकर ने अपनी पार्टी की मुखिया और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात की और मौजूदा हालातों पर स्पष्टीकरण दिया।
इसी बीच कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे द्वारा चाकणकर का समर्थन करने पर राज्य के एक किसान ने भरणे को फोन कर भला बुरा कहा। इस किसान ने कहा कि उन्हें एक ऐसे फर्जी बाबा का समर्थन नहीं करना चाहिए जिसने कई महिलाओं का यौन शोषण किया है। फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
Created On :   20 March 2026 9:12 PM IST












