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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: कांग्रेस फिर रह सकती है खाली हाथ, शरद पवार के सहारे उद्धव की वापसी तय, 13 मई को समाप्त हो रहा है उद्धव का कार्यकाल

Mumbai News. राज्य की सियासत में एक बार फिर समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव को लेकर अभी से कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी होती दिख रही हैं। ताजा राजनीतिक हलचलों से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस इस बार भी हाथ खाली रह सकती है, जबकि शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की विधान परिषद में दोबारा एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। खबर है कि राज्यसभा चुनाव में राकांपा (शरद) अध्यक्ष शरद पवार को समर्थन देने के बदले कांग्रेस ने विधान परिषद की एक सीट की मांग की थी। लेकिन राज्यसभा चुनाव के तरह विधान परिषद के चुनाव में कांग्रेस को निराशा मिल सकती है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
राज्य विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पास 20 विधायक हैं, जबकि राकांपा (शरद) के पास 10 विधायक हैं। ऐसे में दोनों का आंकड़ा मिलाकर 30 होता है, जो कि बहुमत के जरूरी आंकड़े 29 से ज्यादा है। ऐसे में अगर सिर्फ शरद पवार का समर्थन उद्धव को मिल जाता है, तो उनकी जीत तय हो जाएगी। दूसरी ओर, कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं, जो अपने दम पर न तो उद्धव ठाकरे को रोक सकते हैं और न ही अपनी स्थिति मजबूत बना पा रहे हैं। यही वजह है कि पार्टी के लिए यह चुनाव भी चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
शरद पवार नहीं करेंगे परिषद में सीट की मांग
राकांपा (शरद) के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में बगैर शर्त पवार को समर्थन दिया था। यही कारण है कि राकांपा (शरद) अब उद्धव ठाकरे के विधान परिषद के लिए चुने जाने को लेकर कोई अड़ंगा नहीं डालेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर अंतिम समय में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो उद्धव ठाकरे एक बार फिर विधान परिषद पहुंच सकते हैं। वहीं कांग्रेस को राज्यसभा की तरह इस चुनाव में भी निराशा हाथ लग सकती है। गौरतलब है कि विधान परिषद की कुल 9 सीटों पर चुनाव होना है और ये सभी सीटें इसी वर्ष मई में खाली हो रही हैं। 9 में से 8 सीटों पर महायुति के दलों की जीत निश्चित मानी जा रही है जबकि महाविकास आघाडी के तीनों दलों के बीच में एक सीट है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
अजित पवार को श्रद्धांजलि: एकरूपता के साथ सम्मान व्यक्त करने की अपील – पार्थ पवार
उधर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पुत्र पार्थ पवार ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। पार्थ ने कहा कि अजित पवार ने अपने पूरे जीवन में अनुशासन, समर्पण और विकास को प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र की सेवा की। उनके कार्यों से समाज को निष्ठा, कर्तव्य भावना और जनसेवा के प्रति समर्पण की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि आज जब उनकी स्मृतियों को संजोया जा रहा है, तब उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने में एकरूपता और सुसंगतता बनाए रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि बैनर, विज्ञापन, घर या कार्यालय में लगाने के लिए उनका केवल एक अधिकृत फोटो ही उपयोग किया जाए। पार्थ पवार ने आगे कहा कि यही एकसमानता, अनुशासन और भावना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अजित पवार के विचारों को अपने आचरण में उतारें, उनके कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाएं और महाराष्ट्र के विकास के लिए एकजुट होकर काम करें।
Created On :   20 March 2026 9:22 PM IST












