- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- बगावत के संकेत - सांसदों की नाराजगी...
बढ़ी हलचल: बगावत के संकेत - सांसदों की नाराजगी के बीच मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने की इमरजेंसी मीटिंग

Mumbai News. शिवसेना (उद्धव) में एक बार फिर अंदरूनी कलह तेज होती दिख रही है। पिछले सप्ताह दिल्ली में हुई सांसदों की बैठक के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई है। हालात ऐसे बन गए कि रविवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को आनन-फानन में ‘मातोश्री’ पर इमरजेंसी मीटिंग बुलानी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, सांसदों ने न सिर्फ संवाद की कमी पर सवाल उठाए बल्कि नेतृत्व की कार्यशैली और आदित्य ठाकरे की सक्रियता पर भी चर्चा की। इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का बड़ा संकेत माना जा रहा है। हालांकि उद्धव गुट का कोई भी नेता इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
क्या फिर लिखी जा रही है बगावत की पटकथा?
राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या उद्धव गुट में एक बार फिर बगावत की जमीन तैयार हो रही है? मातोश्री के अंदर सब कुछ ठीक नहीं होने के संकेत मिल रहे हैं। सांसदों के ‘मन की बात’ अब खुलकर सामने आ गई है। इस बीच एकनाथ शिंदे के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा ने पार्टी की चिंता और बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लंबी मुलाकात ने इस मामले को और हवा दे दी। माना जा रहा है कि अगर उद्धव के सांसदों में असंतोष दूर नहीं हुआ तो इसका सियासी असर दिख सकता है।
दिल्ली बैठक ने बढ़ाई हलचल
सूत्रों का कहना है कि पिछले सप्ताह उद्धव के कई सांसदों ने संजय राऊत के बंगले पर उनसे मुलाकात कर उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को लेकर नाराजगी जताई थी। सांसदों ने कहा था कि उन्हें नेतृत्व से मिलने के लिए समय नहीं मिलता, चुनावों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। साथ ही नेता और पार्टी नेतृत्व में संवाद की कमी लगातार बनी हुई है। जिसके बाद राऊत ने उद्धव ठाकरे से मिलकर सांसदों की बात उन तक पहुंचाई।
डैमेज कंट्रोल में जुटे ठाकरे
बढ़ते असंतोष को देखते हुए उद्धव ठाकरे ने रविवार को तुरंत सभी सांसदों की बैठक बुलाकर हालात संभालने की कोशिश की। इस बैठक को ‘डैमेज कंट्रोल’ के तौर पर देखा जा रहा है, जहां उद्धव और आदित्य ने सांसदों से एकजुट रहने की अपील की। अब नजर इस बात पर है कि यह इमरजेंसी मीटिंग पार्टी के भीतर उठ रहे तूफान को थाम पाती है या फिर यह असंतोष आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का रूप लेता है।
Created On :   22 March 2026 8:29 PM IST










