Mumbai News: दो नाबालिगों ने अपने नाबलिग सहकर्मी की गला घोंटकर हत्या की , शव के पास ही सोते रहे

दो नाबालिगों ने अपने नाबलिग सहकर्मी की गला घोंटकर हत्या की , शव के पास ही सोते रहे
  • मुंबई में मर्डर और दोस्ती का खौफनाक अंत
  • हत्या के बाद कवर-अप की साजिश भी बेनकाब

Mumbai News मुंबई के अंधेरी पश्चिम इलाके में दोस्ती का रिश्ता एक खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया, जहां शिकायत से नाराज दो नाबालिगों ने मिलकर अपने ही 15 वर्षीय सहकर्मी दोस्त की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पूरी रात शव के पास ही सोते रहे और अगली सुबह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कवर-अप की साजिश ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। इस मामले में डीएन नगर पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया है और पूरे मामले की जाँच में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक, यह सनसनीखेज घटना 17 मार्च को डीएन नगर थाना क्षेत्र के गणेश नगर स्थित विनायक टावर के एक किराए के कमरे में हुई। तीनों नाबालिग एक साथ रहते थे और पास के एक होटल में काम करते थे। बाहर से देखने पर उनकी दोस्ती गहरी लगती थी, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्तों में खटास बढ़ रही थी। जांच में सामने आया है कि मृतक लड़का अक्सर अपने दोनों साथियों की शिकायत होटल मालिक से करता था। इसी बात को लेकर दोनों आरोपियों के मन में उसके प्रति गुस्सा और नाराजगी बढ़ती गई, जो धीरे-धीरे नफरत में बदल गई। घटना वाले दिन इसी बात को लेकर कमरे में विवाद शुरू हुआ। कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हिंसक झगड़े में बदल गई।

पुलिस के अनुसार, गुस्से में आकर एक आरोपी ने नाबालिग का गला दबा दिया, जबकि दूसरे ने उसके पैर पकड़कर उसे काबू में रखा। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने बेहद हैरान करने वाला व्यवहार किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने रातभर शव को कमरे में ही रखा और उसी के पास सो गए, जैसे कुछ हुआ ही न हो। अगली सुबह उन्होंने कहानी गढ़ी कि उनका दोस्त बेहोश मिला था और उन्हें कुछ पता नहीं कि उसकी मौत कैसे हुई, हालांकि डीएन नगर पुलिस को उनकी कहानी पर शक हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में गला घोंटने के स्पष्ट संकेत मिले, जिसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उनके बयान बदलने लगे और आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने हत्या के बाद सच्चाई छिपाने के लिए झूठी कहानी बनाई थी, लेकिन मेडिकल साक्ष्य और पूछताछ में उनकी कवर-अप की साजिश उजागर हो गई।

मृतक को कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती से पहले ही मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (समान इरादा) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें डोंगरी स्थित बाल सुधार गृह (ऑब्जर्वेशन होम) भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि घटना की हर कड़ी को स्पष्ट किया जा सके।

Created On :   21 March 2026 7:46 PM IST

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