आंध्र प्रदेश एक प्रमुख निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है उपराष्ट्रपति

आंध्र प्रदेश एक प्रमुख निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है उपराष्ट्रपति
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आंध्र विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के एक शताब्दी वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। यह एक ऐसा संस्थान है जिसने न केवल इतिहास को देखा है बल्कि उसे आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पिछले सौ वर्षों में, विश्वविद्यालय विचारों का एक संगम स्थल रहा है, जिसने छात्रों की कई पीढ़ियों का पोषण किया है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विशाखापत्तनम, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आंध्र विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के एक शताब्दी वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। यह एक ऐसा संस्थान है जिसने न केवल इतिहास को देखा है बल्कि उसे आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पिछले सौ वर्षों में, विश्वविद्यालय विचारों का एक संगम स्थल रहा है, जिसने छात्रों की कई पीढ़ियों का पोषण किया है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और भारत के सबसे प्रतिष्ठित दार्शनिकों और राजनेताओं में से एक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की विरासत को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए, उपराष्ट्रपति ने शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जिसमें उन्होंने बुद्धि और चरित्र दोनों के विकास को एक साधन बताया था। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

उपराष्ट्रपति ने विशाखापत्तनम से जुड़े प्रख्यात व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन शामिल हैं, जिन्होंने शहर में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी, और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, जो विश्वविद्यालय के एक प्रतिष्ठित पूर्व छात्र थे। उन्होंने उल्लेख किया कि आंध्र विश्वविद्यालय ने शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, पद्म विभूषण, पद्म श्री और साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त करने वाले कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को जन्म दिया है।

30वें सीआईआई पार्टनरशिप समिट के लिए विशाखापत्तनम की अपनी पिछली यात्रा का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश द्वारा की गई तीव्र प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने विकास पथ को गति दी है, महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित किए हैं, और नवाचार एवं विकास के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने राज्य के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में आईटी मंत्री नारा लोकेश की भूमिका को भी स्वीकार किया।

आंध्र प्रदेश में बढ़ते वैश्विक विश्वास पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने गूगल जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों की रुचि और निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम एक प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है, विशेष रूप से डेटा सेंटर, आईटी, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में, जिसमें हाइपरस्केल डेटा सेंटर और आईटी निवेश सहित प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।

संसद में संबंधित विधेयक पारित होने के बाद अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित किए जाने पर उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विधेयक पारित होने के दौरान उन्हें राज्यसभा की अध्यक्षता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, और उन्होंने जनता की खुशी और गर्व को देखा। उन्होंने इस निर्णय को जनता की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया और कहा कि यह राज्य के प्रशासनिक भविष्य को स्पष्टता, स्थिरता और दिशा प्रदान करेगा।

विकसित भारत की परिकल्पना का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को याद किया कि विकसित भारत केवल विकसित राज्यों के माध्यम से ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व, सशक्त शासन और प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर आंध्र प्रदेश सबसे तेजी से विकासशील राज्यों में से एक बनकर उभरा है।

उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन गया है, जहां 2025-26 में देश के प्रस्तावित निवेशों का 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। उन्होंने राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला, जिनमें समयबद्ध मंजूरी, पारदर्शी शासन और भूमि, बिजली, कनेक्टिविटी और कुशल कार्यबल तक निर्बाध पहुंच प्रदान करने वाली एक मजबूत एकल-खिड़की प्रणाली शामिल है।

सफलता में समय लगता है, यह बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को भी शतकों का शतक बनाने के लिए इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सफलता प्राप्त करने के लिए धैर्य आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को आंतरिक दबाव को संभालना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलताएं मूल्यवान सबक सिखाती हैं और उन्हें व्यक्तियों का मनोबल गिराने नहीं देना चाहिए, और सभी से आत्मविश्वास के साथ जीवन का सामना करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, ओडिशा के राज्यपाल के. हरि बाबू, जीएमआर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष ग्रांधी मल्लिकार्जुन राव, भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय गृह सचिव के. पद्मनाभैया, साइएंट के संस्थापक एवं कार्यकारी अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी, लॉरस लैब्स के संस्थापक एवं सीईओ सत्यनारायण चावा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के पूर्व निदेशक वीएस राजू, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के पूर्व प्रोफेसर एमआर माधव, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सीईओ विजय जोशी और फिल्म निर्माता त्रिविक्रम श्रीनिवास को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किए।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर एक स्मारक सिक्का, एक स्मारक डाक टिकट और एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में आंध्र विश्वविद्यालय और संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय; ऑक्समिक लैब्स इंक., संयुक्त राज्य अमेरिका; और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के बीच तीन समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। बाद में उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय के इतिहास और उसके विकास को दर्शाने वाली एक फोटो प्रदर्शनी का दौरा किया।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और आंध्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अब्दुल नजीर, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति, केंद्रीय राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा, सूचना एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और कुलपति प्रो. जीपी राजा शेखर इस अवसर पर उपस्थित थे।

इससे पहले आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रीकाकुलम जिले में श्री कूर्मनाथ स्वामी मंदिर और अरासवल्ली श्री सूर्यनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   27 April 2026 8:18 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story