अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर थिरकीं शेफाली शाह और शिल्पा शेट्टी, सोशल मीडिया पर शेयर किया डांस वीडियो

अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर थिरकीं शेफाली शाह और शिल्पा शेट्टी, सोशल मीडिया पर शेयर किया डांस वीडियो
दुनियाभर में बुधवार को 'अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस' का उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर मनोरंजन जगत के सितारे भी पीछे नहीं हैं। अभिनेत्रियां शिल्पा शेट्टी और शेफाली शाह ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों को डांस के महत्व पर जोर दिया।

मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। दुनियाभर में बुधवार को 'अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस' का उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर मनोरंजन जगत के सितारे भी पीछे नहीं हैं। अभिनेत्रियां शिल्पा शेट्टी और शेफाली शाह ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों को डांस के महत्व पर जोर दिया।

अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने एक मजेदार वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। इसमें वे बेफिक्र होकर मस्ती में झूमती नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने लिखा, "मटकना कभी पुराना नहीं होता। हर दिन को डांस डे समझो, खुशी से झूमो और नाचते-गाते जिंदगी जियो।"

अभिनेत्री शेफाली शाह ने इस अवसर पर अपनी कल्ट क्लासिक फिल्म 'सत्या' के मशहूर गाने 'सपने में मिलती है' को याद किया। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे बेहद बेफिक्र और आजाद होकर डीजे पर थिरकती नजर आ रही हैं।

वीडियो में शेफाली ने पीच रंग का स्टाइलिश को-ऑर्ड सेट पहना हुआ है। अपने डांस के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि इंसान को बिना किसी झिझक के खुलकर जीना चाहिए। अभिनेत्री ने लिखा, "आप लोगों ने यह कहावत तो सुनी ही होगी, कि ऐसे नाचो जैसे कोई देख ही नहीं रहा हो; मैं इस बात को बहुत गंभीरता से लेती हूं।"

शेफाली का डांस सभी को काफी पसंद आ रहा है। आम जनता से लेकर मनोरंजन जगत के अभिनेता भी कमेंट करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। अभिनेता जमनादास मजेठिया ने लिखा, "उस बात को मुझसे बेहतर कौन समझेगा।"

बता दें कि 1998 में आई फिल्म ‘सत्या’ का यह गाना आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। इसे आशा भोसले और सुरेश वाडकर ने अपनी आवाज दी थी। यह गाना शेफाली शाह और मनोज बाजपेयी पर फिल्माया गया था। फिल्म में मनोज बाजपेयी द्वारा निभाए गए ‘भीकू म्हात्रे’ के किरदार ने उन्हें एक आइकॉन बना दिया था।

अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस हर साल 29 अप्रैल को आधुनिक बैले के जनक जीन-जॉर्जेस नोवरे की जयंती पर दुनियाभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक एकता, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। इस दिन को 1982 में यूनेस्को की सहयोगी संस्था आईटीआई की नृत्य समिति द्वारा स्थापित किया गया था।

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Created On :   29 April 2026 3:35 PM IST

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