बर्फीले पहाड़ों के बीच 'स्वर्ग' सा अहसास, चांगू झील के दीदार में खोईं टिस्का चोपड़ा

बर्फीले पहाड़ों के बीच स्वर्ग सा अहसास, चांगू झील के दीदार में खोईं टिस्का चोपड़ा
अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा इन दिनों परिवार के साथ सिक्किम की सैर पर हैं। बुधवार को अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें शेयर कीं और सभी को वहां के मनमोहक नजारे से रूबरू कराया।

मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा इन दिनों परिवार के साथ सिक्किम की सैर पर हैं। बुधवार को अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें शेयर कीं और सभी को वहां के मनमोहक नजारे से रूबरू कराया।

पोस्ट की गई तस्वीरों में टिस्का अपने पति के साथ नजर आ रही हैं। वे वहां के बर्फीले इलाकों का जमकर आनंद उठा रही हैं। टिस्का ने पोस्ट कर लिखा कि वे अभी भी सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और लुभावने नजारों में खोए हुए हैं।

अभिनेत्री ने लिखा, "आज हमने चांगू झील (जिसे स्थानीय रूप से त्सोमो झील भी कहा जाता है) का दीदार किया। यह झील समुद्र तल से करीब 12,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस समय बर्फ पिघलनी शुरू हुई है, जिससे झील का नजारा और भी शानदार व आकर्षक लग रहा है। चारों तरफ बर्फीले पहाड़ों के बीच यह झील स्वर्ग जैसा अनुभव करा रही है।"

टिस्का ने झील के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "इसका स्थानीय नाम 'त्सोमो' भूटिया भाषा से आया है, 'त्सो' यानी झील और 'म्गो' यानी स्रोत। यह नाम बर्फ के पिघलने से बनने वाले पानी की ओर इशारा करता है, जो झील को अपना पानी प्रदान करता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम ठंडा रहता है और प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है।"

अभिनेत्री ने आगे लिखा, "रास्ते में, उत्तर के पहाड़ी इलाकों में आमतौर पर दिखने वाले प्रार्थना झंडे भी नजर आए। ये रंग-बिरंगे झंडे दिवंगत आत्माओं की शांति और सुख-समृद्धि के लिए लगाए जाते हैं। हवा में लहराते ये झंडे न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि पर्यटकों को भी शांति का एहसास कराते हैं।

टिस्का ने बताया कि उनका परिवार गंगटोक स्थित ताज गुरास कुटीर में ठहरा हुआ है। चांगू झील वहां से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर है।

त्सोमगो झील (जिसे चांगू झील भी कहा जाता है) सिक्किम की राजधानी गंगटोक से लगभग 40 किमी दूर स्थित एक पवित्र हिमनदी झील है। यह अंडाकार झील बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी है, जो सर्दियों में जम जाती है और गर्मियों में रोडोडेंड्रोन फूलों से घिर जाती है, जो इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   1 April 2026 4:37 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story