पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करवाएंगे, यह मोदी की गारंटी है अनुराग ठाकुर
कोलकाता, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के यूसीसी वाले बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद यूसीसी लागू करेंगे और यह मोदी की गारंटी है।
कोलकाता में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आईएएनएस से बातचीत में ममता बनर्जी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 15 साल के शासन में टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन का शिकार बना दिया है।
उन्होंने दावा किया कि 4 मई को बंगाल की जनता को टीएमसी से मुक्ति मिल जाएगी और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ममता बनर्जी के पास 15 सालों का कोई हिसाब-किताब नहीं है, इसलिए वह डर और भ्रम फैला रही हैं। वह जनता को डराने की कोशिश कर रही हैं। यह उनका अपना डर और भ्रम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार व्यभिचार को रोक नहीं पाई, युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई और उन्हें पलायन के लिए मजबूर कर दिया। हर बंगाली के ऊपर 77,200 रुपए का कर्ज चढ़ा दिया है और हर परिवार पर करीब 3 लाख रुपए का कर्ज है। अब जवाब न होने पर सीएम ममता बनर्जी झूठ की मशीन बन गई हैं।
उन्होंने कहा कि टीएमसी का मतलब है आतंक, हत्या और कट मनी। 4 मई को जनता इन तीनों से मुक्त हो जाएगी। कमल खिलेगा और सोनार बांग्ला का सपना पूरा होगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि बंगाल में डर और भ्रष्टाचार का माहौल है, जिसके कारण निवेश नहीं हो रहा है और युवाओं का ‘ब्रेन ड्रेन’ (पलायन) हो रहा है। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि 6,688 उद्योग बंद हो गए। 110 लिस्टेड कंपनियां बंद हो गईं। अनौपचारिक क्षेत्र में 10 सालों में 30 लाख नौकरियां खत्म हो गईं। 23 लाख लोग रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं। ये आंकड़े मेरे नहीं, बल्कि राज्य सरकार के अपने हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीए की 20 राज्यों में सरकार है, मगर एक भी जगह किसी के बोलने पर, खाने पर, पूजा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सीएम ममता बनर्जी के पास 15 साल की कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए भय, भ्रम और अफवाहें फैलाने का काम कर रही हैं।
वहीं, राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि मेरा पसंदीदा खाना मछली है और मुझे हर तरह की मछली पसंद है—चाहे वह चिंगड़ी हो, मागुर माछ हो, पाबदा हो, रोहू हो या फिर कतला। मुझे हर तरह की मछली का शौक है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरा कहने का मतलब यह था कि यह बड़े अफसोस की बात है कि बंगाल के पास समुद्र, नदियां और तालाब—सब कुछ होने के बावजूद, यहां मछली पालन का कोई खास उद्योग नहीं है। सिलीगुड़ी में जब मैं मछली खरीदने जाता हूं तो लोग कहते हैं कि यह आंध्र प्रदेश से आई है, यह ओडिशा से आई है, या फिर गुजरात से आई है। मैंने पूछा कि बंगाल की मछली कहां है। बंगाल की मछली तो यहां है ही नहीं, क्योंकि टीएमसी ने मछली पालन के विकास में कोई निवेश ही नहीं किया है। उन्होंने किसानों की पूरी तरह से अनदेखी की है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार बनने पर मत्स्य पालन क्षेत्र में भारी निवेश होगा। अगली बार जब हम मछली खाएं तो वह बंगाल की हो तो ज्यादा अच्छी बात होगी।
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Created On :   21 April 2026 6:22 PM IST












