बेंगलुरु एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर 1.40 करोड़ की ठगी, डॉक्टर समेत दो के खिलाफ केस दर्ज
बेंगलुरु, 10 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एमबीबीएस की मैनेजमेंट कोटा सीट दिलाने का झांसा देकर एक दंपति से 1.40 करोड़ रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में बागलगुंटे पुलिस ने एक डॉक्टर सहित दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। आरोपियों पर भरोसा तोड़ने और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता दंपति अपनी बेटी के लिए निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट की तलाश कर रहे थे। उनकी बेटी नीट परीक्षा के अंकों के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने में सफल नहीं हो सकी थी। ऐसे में वे मैनेजमेंट कोटा के तहत किसी निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के विकल्प तलाश रहे थे।
एफआईआर में बताया गया है कि आरोपी डॉक्टर डॉ. शिल्पा अरावली (ए-1), जो उस समय तुमकुर रोड स्थित प्रक्रिया अस्पताल में कार्यरत थीं, ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। डॉक्टर ने दावा किया कि उनके और उनके सहयोगियों के निजी मेडिकल कॉलेजों में मजबूत संपर्क हैं तथा वे मैनेजमेंट कोटा के तहत एमबीबीएस सीट दिलवा सकती हैं। डॉक्टर के आश्वासन पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की सहमति दे दी। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने सबसे पहले प्रक्रिया अस्पताल के पार्किंग क्षेत्र के पास शिकायतकर्ता से 35 लाख रुपए नकद लिए। इसके बाद शिकायतकर्ता को निर्देश दिया गया कि वे शेष राशि आरटीजीएस के माध्यम से पी. किरण कुमार (ए-2) के बैंक खाते में स्थानांतरित करें।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जुलाई से सितंबर 2023 के बीच चार अलग-अलग किश्तों में कुल 1.05 करोड़ रुपए आरोपी के खाते में भेजे गए। इस प्रकार आरोपियों को कुल 1.40 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। हालांकि, पूरी राशि प्राप्त करने के बाद भी आरोपियों ने कथित तौर पर विभिन्न बहाने बनाकर दाखिले की प्रक्रिया को लगातार टालना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि 28 दिसंबर 2023 को डॉ. शिल्पा अरावली ने शिकायतकर्ता को सूचित किया कि वह एमबीबीएस सीट की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं और इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त समय की मांग की।
इसके बाद भी शिकायतकर्ता लगातार आरोपियों से संपर्क करते रहे और कई बार धनराशि वापस करने की मांग की। शिकायत के अनुसार, 23 मार्च 2024 को प्रक्रिया अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने न तो पैसे लौटाए और न ही किसी प्रकार का समाधान प्रस्तुत किया। आखिरकार शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया, जिसके आधार पर 7 जून को बागलगुंटे पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग), धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (समान आशय से किया गया अपराध) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा धन के लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   10 Jun 2026 11:19 AM IST












