भारतीय रेलवे नागरिकों की जरूरतों को दे रहा है प्राथमिकता रेल मंत्री
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि तेज, सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक भारतीय रेलवे आम आदमी और मध्यम वर्ग की सवारी है। सरकार सबसे गरीब लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और किफायती कीमत पर यात्रा को लगातार बेहतर बना रही है। उन्होंने भारतीय रेलवे के 'धीरे विकास' से 'अति-तीव्र परिवर्तन' की ओर बदलाव को एक नए युग के रूप में बताया।
उन्होंने बताया कि लगभग 1,37,000 किमी रेलवे ट्रैक और 25,500 से अधिक ट्रेनों के साथ, भारतीय रेलवे लोगों और माल को काम के लिए देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करता है। भारतीय रेलवे अधिक नॉन-एसी कोचों के साथ आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार देश में भारी सब्सिडी वाली रेल यात्रा कराती है। हर यात्री के टिकट की लागत का 45% वहन करने की वजय से पड़ोसी देशों की तुलना में कम और विकसित देशों की तुलना में काफी कम किराया है। उन्होंने बताया कि 200 नई अंतर शहरी ट्रेनों के अलावा, मुंबई के लिए स्वचालित द्वार बंद करने की प्रणाली वाली 238 नई उपनगरीय ट्रेनें छोटी दूरी की यात्रा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाएं 10 वर्षों में 5 लाख नौकरियों और पिछले 2 वर्षों में 1.43 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के अलावा लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जो देशभर के सभी राज्यों को लाभान्वित कर रहा है और बुनियादी ढांचे के त्वरित विकास को गति दे रहा है।
उन्होंने बताया कि रेल विद्युतीकरण की वजह से लगभग ₹6,000 करोड़ की बचत हुई है और विद्युतीकरण के बढ़ते दायरे के कारण डीजल की खपत में भी लगातार गिरावट आ रही है। रेलवे दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है, जिसे 'रूट कॉज एनालिसिस' (व्यवस्थित मूल कारण का विश्लेषण) और सुधारात्मक उपायों के माध्यम से संभव बनाया गया है। सुरक्षा में निवेश भी बड़े पैमाने पर बढ़ा है, जिसके तहत सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए लगभग ₹1.2 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।
विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' को लेकर उन्होंने कहा कि लगभग 3,000 किलोमीटर के नेटवर्क को पहले ही इसके दायरे में लाया जा चुका है, जबकि करीब 20,000 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है और लगभग 8,000 रेल इंजनों में इसे लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, साथ ही किफायती लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा देने वाली 60 अमृत भारत ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि 133 अमृत भारत ट्रेनों का मैन्युफैक्चरिंग का काम जारी है। इसके अतिरिक्त, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी शुरू की गई हैं।
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Created On :   18 March 2026 12:59 PM IST












