बिहार विधायक विनय बिहारी अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे, बाढ़ राहत में लापरवाही का लगाया आरोप

बिहार विधायक विनय बिहारी अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे, बाढ़ राहत में लापरवाही का लगाया आरोप
बिहार के बाढ़ग्रस्त पश्चिमी चंपारण जिले में बाढ़ राहत कार्यों से असंतुष्ट लौरिया के विधायक विनय बिहारी अपनी ही सरकार के खिलाफ मंगलवार को यहां समाहरणालय परिसर में धरने पर बैठ गए। विधायक ने कहा कि बाढ़ से जनता बेहद परेशान है और सरकारी एवं प्रशासनिक स्तर पर जिस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।

बेतिया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के बाढ़ग्रस्त पश्चिमी चंपारण जिले में बाढ़ राहत कार्यों से असंतुष्ट लौरिया के विधायक विनय बिहारी अपनी ही सरकार के खिलाफ मंगलवार को यहां समाहरणालय परिसर में धरने पर बैठ गए। विधायक ने कहा कि बाढ़ से जनता बेहद परेशान है और सरकारी एवं प्रशासनिक स्तर पर जिस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।

विधायक विनय बिहारी ने कहा कि क्षेत्र में बाढ़ की समस्या करीब एक महीने से बनी हुई है। लौरिया और आसपास के इलाकों में सिकराहना, पंडई और गंडक समेत कई नदियों के प्रभाव से लोग और फसलें प्रभावित हुई हैं। इसके बावजूद प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा, “जनता बाढ़ से बहुत परेशान है और जो व्यवस्था है, उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं। जैसी आपदा है, वैसी व्यवस्था नहीं है। मेरे पास भी इसके सिवा कोई रास्ता नहीं है।” विधायक के मुताबिक, वह जिलाधिकारी से मिलने के लिए दोपहर 12 बजे से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले भी उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का अपने स्तर से गंभीरता और सजगता के साथ समाधान करने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। विनय बिहारी ने कहा कि उन्होंने बाढ़ राहत और मुआवजे को लेकर मुख्यमंत्री से चार बार तथा संबंधित मंत्री से दो बार मुलाकात की है। इसके अलावा जिलाधिकारी से भी दर्जनों बार इस मुद्दे को लेकर बात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को मिलने वाली 7,000 रुपए की सहायता राशि बांटने की स्थिति अभी नहीं बनी है और क्षेत्र में उस स्तर की बाढ़ नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि वह खुद अभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में हैं। लौरिया क्षेत्र सिकराहना नदी और योगापट्टी का इलाका गंडक नदी से प्रभावित हुआ है। पंडई नदी के कारण मरिया, मटरिया, साठी और परसौनी समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं। विधायक ने कहा कि बाढ़ से फसलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है और कई इलाकों में पानी पहुंच गया। इसके बावजूद अब तक राहत सामग्री के नाम पर मुख्य रूप से प्लास्टिक शीट ही उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे और पर्याप्त राहत की मांग की।

मुख्यमंत्री के क्षेत्र के दौरे को लेकर विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संभवत: कई जिलों का भ्रमण किया है, लेकिन उनके क्षेत्र में अभी तक नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि मुख्यमंत्री लौरिया और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करें और जमीनी स्थिति देखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका धरना सरकार के विरोध के लिए नहीं, बल्कि जनता की मांगों को लेकर है। विधायक ने कहा, “मुझे लगा कि शायद मेरे बैठने से हमारी देवतुल्य जनता को कुछ मिल जाएगा।”

उन्होंने कहा कि अब उन्हें मुख्यमंत्री के आने का इंतजार है और उम्मीद है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।

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Created On :   29 Sept 2026 8:36 PM IST

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