- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- मरीजों की भोजन गुणवत्ता को लेकर...
जांच परख: मरीजों की भोजन गुणवत्ता को लेकर मेडिकल प्रशासन अलर्ट, कैंटीनों पर कार्रवाई के बाद एचओडी कर रहे भोजन का परीक्षण

डिजिटल डेस्क, नागपुर दो प्रमुख सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेयो) और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) में कुछ दिनों पहले कैंटीनों पर कार्रवाई हुई है। मेयो में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कार्रवाई की, जबकि मेडिकल में अस्पताल प्रशासन ने खुद कदम उठाए। इन घटनाओं के बाद मेडिकल अस्पताल में मरीजों के लिए तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां अलग-अलग विभागों के एचओडी रोज भोजन का परीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि मरीजों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिलता रहे।
मेयो अस्पताल में एफडीए की कार्रवाई
अगस्त में एफडीए ने मेयो की कैंटीन का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कैंटीन के पास खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा अनेक खामियां पायी गई थी। वहीं मेडिकल परिसर में कुल चार कैंटीन थीं। जांच में चार में से तीन के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं पाए गए। एक्स-रे विभाग के पास वाली कैंटीन सहित दो और छोटी कैंटीनों को प्रशासन ने बंद कर दिया। केवल साउथ इंडियन सोसाइटी द्वारा संचालित एक कैंटीन के पास वैध लाइसेंस था, इसलिए वह चालू रही।
यह भी पढ़े -सरफेस पोर्टफोलियो और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार, बाथवेयर सॉल्यूशंस को पूरा करने के लिए फॉसेट्स सेगमेंट में प्रवेश
एचओडी द्वारा रोज भोजन होता परीक्षण
मेडिकल अस्पताल में मरीजों के लिए खाना तैयार करने वाली कैंटीन और किचन अब नियमित रूप से चल रही है। यहां हर दिन एक-एक विभाग के एचओडी (विभाग प्रमुख) को दोपहर और रात के भोजन का परीक्षण करना पड़ता है। इससे खाने की गुणवत्ता की रोजाना जानकारी मिलती रहती है। इस व्यवस्था के लिए एक टाइमटेबल बनाया गया है। जिसमें तय किया गया है कि किस दिन किस विभाग के एचओडी भोजन की गुणवत्ता प्रमाणित करेगा। पिछले कुछ दिनों से यह प्रक्रिया लगातार चल रही है। इस कदम से मरीजों को मिलने वाले भोजन की निगरानी मजबूत हुई है और प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ी है।
यह भी पढ़े -केरल विधानसभा हंगामे के 11 साल बाद, 3 नवंबर से शुरू होने जा रहा शीर्ष वामपंथी नेताओं का मुकदमा
मरीजों के भोजन में पौष्टिक आहार और फल
मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में पौष्टिकता और कैलोरी का ध्यान रखा जाता है। सामान्य आहार में दाल, चावल, सब्जी, रोटी, खिचड़ी, अंडे जैसे बुनियादी पदार्थ शामिल होते हैं। विशेष अवसरों पर मेनू में बदलाव भी किया जाता है। भोजन के साथ फल भी उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि मरीजों को आवश्यक विटामिन और खनिज मिल सकें। आहार विशेषज्ञों और डाइट कमेटी की सलाह से मेनू तैयार किया जाता है, जिसमें मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का भी ध्यान रखा जाता है।
यह भी पढ़े -केरल विधानसभा हंगामे के 11 साल बाद, 3 नवंबर से शुरू होने जा रहा शीर्ष वामपंथी नेताओं का मुकदमा
इसलिए किया जाता हर रोज परीक्षण
मरीजों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। क्योंकि निम्न गुणवत्ता स्तर का भोजन मरीजों की रिकवरी में बाधा डाल सकता है। मेडिकल अस्पताल में रोज हजारों मरीज भर्ती रहते हैं । यहां हर रोज 1500 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। उनके लिए नियमित रूप से दोपहर और रात का भोजन तैयार किया जाता है। एचओडी द्वारा रोज परीक्षण की व्यवस्था से गुणवत्ता पर निरंतर नजर रखी जा रही है। जिसके कारण मरीजों को गुणवत्तापूर्ण व पौष्टिक भोजन व ताजा फल मिलते हैं।
Created On :   29 Sept 2026 8:29 PM IST
Tags
- नागपुर
- महाराष्ट्र समाचार
- Nagpur News
- Maharashtra News
- नागपुर शहर
- नागपुर ग्रामीण
- कामठी
- हिंगना
- कलमेश्वर
- काटोल
- नरखेड़
- सावनेर
- उमरेड
- कुही
- भिवापुर
- मौदा
- पारशिवनी
- रामटेक
- कन्हान
- वाडी
- बुटीबोरी
- कोराडी
- खापरखेड़ा
- मोहपा
- कोंढाली
- वर्धा रोड
- वलनी
- पेंच
- येरखेड़ा
- वडधामना
- बेसा
- मानकापुर
- जरीपटका
- कामठी रोड
- पारडी
- वाठोडा
- हुडकेश्वर
- नंदनवन
- दिघोरी
- बेलतरोड़ी
- मानेवाड़ा
- नरेंद्रनगर
- प्रतापनगर
- सोनेगांव
- अजनी
- धरमपेठ
- सदर
- महाल
- इतवारी
- गंजपेठ










