सियासी निशाने: खड़गे ने कहा - हिंसा पर उतारू तानाशाह भाजपा-आरएसएस, नड्डा बोले - राहुल-अखिलेश-ममता और केजरीवाल की टूलकिट मानसिकता

खड़गे ने कहा - हिंसा पर उतारू तानाशाह भाजपा-आरएसएस, नड्डा बोले -  राहुल-अखिलेश-ममता और केजरीवाल की टूलकिट मानसिकता
  • सीडब्ल्यूसी की बैठक के केंद्र में रहेंगे ज्ञानेश कुमार
  • संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना मकसद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा के द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। प्रमुख विपक्ष दल ने भाजपा-आरएसएस को तानाशाह करार देते हुए कहा है कि ये दोनों हिंसा पर उतारू हैं। विपक्ष के खिलाफ ईडी-सीबीआई और जनता पर थप्पड़-लाठी-गोली का इस्तेमाल हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा, लोगों के सवालों से इतना घबरा गई है कि “नाराज़ फूफा”, “दिमाग़ी नक्सल” और “आंदोलनजीवी” जैसे अपशब्द भी अब फीके पड़ रहे हैं। तानाशाह भाजपा-आरएसएस सीधे हिंसा पर उतारू है। दिल्ली के मंत्री युवा को थप्पड़ मार रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ। उससे पहले किसानों को मोदी मंत्री पुत्र ने गाड़ी से कुचला। केंद्रीय मंत्री ने “गोली मारो, कहा। किसान आंदोलन में रबर बुलेट चली, 750 किसानों की जान गई। खड़गे ने कहा कि गुजरात के ऊना में दलितों पर कोड़े बरसाए, पर न्याय अब तक नहीं मिला। सत्ता का अहंकार जब चरम पर होता है तो जनता का सार्वजनिक दमन और अपमान आदत बन जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस वाले केवल नीतियों से ही लोकतंत्र नहीं कुचल रहे, अब लाठी-डंडे तान कर जनता पर प्रहार कर रहे हैं।

सीडब्ल्यूसी की बैठक के केंद्र में रहेंगे ज्ञानेश कुमार

केंद्रीय चुनाव आयोग के एसआईआर और कामकाज को लेकर उठे सवालों के बीच मंगलवार को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक खासा महत्वपूर्ण है। इस बैठक के एजेंडे में चुनाव आयोग का मुद्दा अव्वल रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस इस मामले को पूरी गंभीरता से उठाएगी। यह मुद्दा पूरे देश, हमारे लोकतंत्र के अस्तित्व और देश के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए हम इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके इस्तीफे के बाद भी कांग्रेस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। खड़गे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग के अपने ही लोगों ने उनकी पोल खोल दी है। केरल के एक पूर्व मुख्य सचिव ने भी कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद उनसे चुनाव लड़ने के लिए कहा था। इसका मतलब है कि वह भाजपा की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं और सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता बन गए हैं।

राहुल, अखिलेश, ममता और केजरीवाल की ‘टूलकिट मानसिकता’ -नड्डा

केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर विपक्षी दलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सीधा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी,सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पर ‘टूलकिट मानसिकता’ रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता का मकसद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और ‘विकसित भारत’ की ओर देश की प्रगति में बाधा डालना है। नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी कान खोलकर सुन लीजिए, झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, सच पराजित नहीं हो जाता।

केंद्रीय मंत्री ने नड्डा ने यहां आयोजित कहा कि इन नेताओं की राजनीतिक रणनीति जनसेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा या सम्मान के बजाय वंशवादी फायदों के लिए सत्ता हासिल करने पर टिकी है, जिसके लिए वे झूठ गढ़ते हैं और देश का माहौल खराब करते हैं। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी - इनका एकमात्र एजेंडा देश की स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और उन्हें कमजोर करना रह गया है। यह वही 'टूलकिट मानसिकता' है जो हर सुबह देश के विकास की गति को रोकने के लिए एक नई साजिश बुनती है। आरोप लगाओ, देश का माहौल बिगाड़ो और भाग जाओ, यही विपक्ष की कार्यशैली है। इन्हें न राष्ट्र की सुरक्षा से सरोकार है, न जनता की भलाई से और न ही देश के मान-सम्मान से। इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हथियाना है, और वह भी जनसेवा के लिए नहीं, बल्कि 'परिवारवाद का पोषण' करना उद्देश्य है।

Created On :   28 Sept 2026 9:05 PM IST

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