बड़ा निशाना: संजय राऊत ने कहा - तुकाराम मुंढे को एफडीए से हटाकर सीएम ऑफिस की दें जिम्मेदारी, अब दूसरे विभागों में भ्रष्टाचार पर करें कार्रवाई

संजय राऊत ने कहा - तुकाराम मुंढे को एफडीए से हटाकर सीएम ऑफिस की दें जिम्मेदारी, अब दूसरे विभागों में भ्रष्टाचार पर करें कार्रवाई
  • राऊत बोले- रेस्टोरेंट-होटल पर कार्रवाई बहुत हो गई
  • दूसरे विभागों में भ्रष्टाचार पर करें कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, मुंबई. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) में पदभार संभालने के बाद से नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। अब शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने मुंढे को मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की मांग की है। राऊत ने कहा कि रेस्टोरेंट और होटल पर कार्रवाई बहुत हो गई, अब उन्हें सूखा, पुनर्वास, राजस्व और नगर विकास जैसे विभागों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। रविवार को राऊत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तुकाराम मुंढे को मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रमुख बनाया जाना चाहिए, ताकि वे सरकार के महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज पर नजर रख सकें।

राऊत ने कहा कि तुकाराम मुंढे को अब केवल रेस्टोरेंट और होटल पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा रेस्टोरेंट और होटल बस हो गया, लोगों को लोगों को खाने दो। राऊत ने कहा कि यदि मुंढे जैसे सख्त अधिकारी को व्यापक प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाए तो सरकार के दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में भी नियमों के उल्लंघन और कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई हो सकती है। राऊत ने विशेष रूप से सूखा, पुनर्वास, राजस्व और नगर विकास विभागों का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि इन विभागों में कार्रवाई के लिए मुंढे को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। राऊत ने मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मुंढे को मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रमुख बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे वे सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज पर नजर रख सकेंगे और प्रशासन में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे।

राऊत के बयान पर प्रदेश भाजपा मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि राऊत को हर रोज कुछ न कुछ बोलने की आदत हो गई है। इसलिए अपना कोटा पूरा करने के लिए राऊत कुछ भी बोल देते हैं। बन ने कहा कि राऊत को पता होना चाहिए कि राज्य में मुख्यमंत्री देवा भाऊ की तीसरी आंख राज्य सरकार के कामकाज पर है। विपक्ष के नेता बेरोजगार हैं इसलिए उन्हें कुछ न कुछ बोलना पड़ता है।

Created On :   27 Sept 2026 9:24 PM IST

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