उठी मांग: उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ज्ञानेश कुमार को तत्काल जेल भेजना चाहिए, महाराष्ट्र समेत 3 राज्यों में बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव हों

उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ज्ञानेश कुमार को तत्काल जेल भेजना चाहिए, महाराष्ट्र समेत 3 राज्यों में बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव हों
  • शिवसेना के बाद राकांपा और अब टीएमसी के साथ भी वही तरीका
  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर फिर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, मुंबई. चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों को लेकर सामने आने के बाद शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अब कई सवाल सामने आ गए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले का स्वत: संज्ञान लेने की मांग भी की। उद्धव ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ज्ञानेश कुमार का भीषण और वीभत्स चेहरा दुनिया के सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से देश में एक ऐसी टोली सक्रिय है, जो राजनीतिक दलों को तोड़ने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। ठाकरे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल जेल में डालना चाहिए और उनके अनुसार इस पूरी व्यवस्था के मुख्य सूत्रधार की भी जांच होनी चाहिए।

यह टोली किसके इशारे पर काम कर रही थी, अब जनता को पता चल रहा

ठाकरे ने कहा कि अब यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव आयोग के भीतर लिए जा रहे फैसलों के पीछे किसका प्रभाव था। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी की मर्जी से नियुक्त होता है और उसी के निर्देश पर काम करता है तो उसकी जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा यह टोली किसके इशारे पर काम कर रही थी, यह भी अब लोगों को पता चल रहा है। ठाकरे ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की अपील की।

क्या गृह मंत्रालय के निर्देश पर काम करता है चुनाव आयोग?

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय के बीच कथित संबंधों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग स्वयं यह कहता है कि वह गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करता है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि निर्णय लेने की प्रक्रिया क्या है। ठाकरे ने सवाल किया कि क्या गृह मंत्री इस पूरे मामले के सूत्रधार हैं? इसका भी खुलासा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो संबंधित लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिवसेना के बाद राकांपा और अब टीएमसी के साथ भी वही तरीका

ठाकरे ने चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े पुराने फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे पहले शिवसेना के मामले में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज किया गया और बाद में दूसरे गुट को नाम और चिन्ह दिया गया। राकांपा के विवाद में भी यही तरीका अपनाया गया। अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी इसी तरह की आशंका दिखाई दे रही है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर फिर उठाए सवाल

उद्धव ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची को लेकर भी अपने पुराने आरोप दोहराए। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 45 लाख मतदाता जोड़े गए और बाद में लगभग 40 लाख मतदाताओं के नामों पर एसआईआर के तहत आपत्तियां सामने आईं। ठाकरे ने इन दावों के आधार पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दोबारा चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अब इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा बैलेट पेपर पर चुनाव लेकर दिखाइए और अपनी ताकत दिखाइए। ठाकरे ने सभी विपक्षी दलों को साथ आने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे पर मतभेदों को अलग रखते हुए एक साथ लड़ने की जरूरत है।

Created On :   23 Sept 2026 9:29 PM IST

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