'कॉकरोच' और शिवसेना के बीच 'वर्ड ऑफ वॉर': अभिजीत दीपके के 'शेल कंपनी' वाले बयान पर एकनाथ शिंदे की पार्टी का पलटवार, CJP को बताया 'पॉलिटिकल जोकर'

अभिजीत दीपके के शेल कंपनी वाले बयान पर एकनाथ शिंदे की पार्टी का पलटवार, CJP को बताया पॉलिटिकल जोकर
कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर बड़ा आरोप लगाया था।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने शिवसेना को बीजेपी की शेल कंपनी बताया है। इस बयान पर अब शिवसेना ने पलटवार किया है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सीजेपी को राजनीति में आने वाला 'जोकर' बताया है।

संजय निरुपम ने कॉकरोच जनता पार्टी पर किया पलटवार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संजय निरुपम ने पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा, "भारत की राजनीति में आए इन नए जोकरों को हम बताना चाहेंगे कि शिवसेना किसी की शेल कंपनी या प्रॉक्सी पार्टी नहीं है। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर सतत काम करनेवाला एक ज्वलंत संगठन है शिवसेना।"

इसके आगे उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी को महाराष्ट्र की जनता ने पिछले चुनावों 60 विधायक दिए (इसमें 3 निर्दलीय हैं), 7 सांसद चुनकर दिए, 1000 से ज़्यादा नगरसेवक और पार्षद दिए। यह वैभव किसी शेल कंपनी को नहीं, जन सामान्य के दिलों पर राज करनेवाले संगठन को मिलता है।"

दीपके ने उद्धव गुट को तोड़ने का लगाया आरोप

संजय निरुपम ने कहा कि हमारी पार्टी के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र की जनता का अगाध विश्वास है। इतना विश्वास अर्जित करने के लिए इन जोकरों को दूसरा जन्म लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "इन जोकरों को यह भी बता देना चाहूंगा कि जिनके लिए ये टेसूएं बहा रहे हैं,उन्हें और उनकी पार्टी को महाराष्ट्र की जनता ने नकार दिया है। इसका कारण उनका निकम्मापन है। अंत में एक ज्ञान की बात: टीका-टिपण्णी करिए ,मगर तथ्यों के साथ। वरना इस देश की जनता बहुत समझदार है,ऐसा दौड़ाएगी कि छुपने की जगह नहीं मिलेगी।"

दरअसल, दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को बड़ी ही चालाकी से तोड़ा गया। इसके आगे उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे का सिंबल छीनकर एक 'प्रॉक्सी पार्टी' को दे दिया गया। गौरतलब है कि जून 2022 में बाला साहेब ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना टूट गई। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी के कई नेता अलग हो गए और इस तरह से शिवसेना में दो फाड़ हो गया। एकनाथ शिंदे को शिवसेना मिली और उद्धव ठाकरे की पार्टी को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मिला।

Created On :   24 Sept 2026 7:00 PM IST

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