Election Commission News: वोटर लिस्ट से लेकर EVM मुद्दों के खिलाफ दिल्ली में गरजे MP कांग्रेस अध्यक्ष, चुनाव प्रक्रिया पर पूछे तीखे सवाल

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रमों और मुद्दों को लेकर बयान जारी किया है। कमेटी प्रमुख जीतू पटवारी का कहना है कि पिछले करीब दो सालों से पार्टी नेता राहुल गांधी लगातार देश के मुद्दे उठा रहे हैं। इनमें लोकतंत्र, मतदाता के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल शामिल हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि राहुल गांधी बार-बार कह रहे हैं कि अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी होती है अथवा किसी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से काट दिया जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव उसके संवैधानिक मताधिकार पर पड़ता है।
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लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
जीतू पटवारी ने गुरुवार (24 सितंबर) को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है।
MP SIR पर दी प्रतिक्रिया
एमपी कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ। इस दौरान सूची में हुए बदलावों को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट का जिक्र करते हुए बताया कि यहां SIR-2026 के तहत मतदाता सूची, नाम खोजने और संबंधित प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि SIR के प्रारंभिक चरण में प्रदेश की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम काटे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे कि कितने मतदाताओं के नाम किन कारणों से हटाए गए, कितने मतदाता स्थानांतरित हुए, कितने मतदाताओं की मृत्यु हुई और कितने नाम डुप्लीकेट पाए गए।
MP SIR की प्रकाशित ड्राफ्ट प्रक्रिया पर क्या बोले?
जीतू पटवारी ने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि दिसंबर 2025 में SIR प्रक्रिया का ड्राफ्ट प्रकाशित हुआ था, जिसमें 42,74,160 नामों से संबंधित जानकारी/फॉर्म उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई थी। इसके बाद दावे-आपत्तियों और सत्यापन की प्रक्रिया हुई। फरवरी 2026 में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हुई, जिसमें राज्य के कुल 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। साथ ही उन्होंने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि सूची से 34,25,078 नाम हटाए गए, जबकि ड्राफ्ट सूची की तुलना में लगभग 8.49 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज हुई।
SIR ड्राफ्ट और अंतिम सूची पर सवाल?
एमपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल पूछते हुए कहा कि ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसकी पूरी जानकारी विधानसभा और बूथवार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए। साथ ही बताया कि प्रत्येक मतदाता को यह जानने का अधिकार है कि उसका नाम सूची में है या नहीं और यदि हटाया गया है तो उसका कारण क्या है?
उन्होंने बताया कि आयोग ने खुद मतदाता सूची तैयार की है। वह संशोधन और सुधार की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट भी उसे चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था के रूप में वर्णित करती है।
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प्रक्रिया को लेकर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता ने बताया कि नए मतदाता के पंजीयन के लिए Form-6 महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर Form-6 के जरिए नए मतदाता के पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, नाम हटाने के लिए Form-7 की व्यवस्था भी है।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि अगर चुनाव संबंधी किसी फॉर्म या प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, तो उसकी पूरी जानकारी, कानूनी आधार और प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेस यह जानना चाहती है कि संसद और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप सभी परिवर्तन हुए हैं या नहीं।
चुनाव आयुक्त पर उठाए सवाल
पटवारी कहते हैं कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग को सरकार या सत्तारूढ़ दल के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र रहकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयोग की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। अगर मतदाता को ही चुनाव प्रक्रिया पर संदेह होने लगे, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास कमजोर होता है।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाए और जहां किसी अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठते हैं, वहां स्वतंत्र जांच की व्यवस्था हो। पार्टी ने घोषणा की कि सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग की इकाई का घेराव करेंगे। इसके अगले दिन मंगलवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
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कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के पद से इस्तीफे की मांग।
- चुनाव प्रक्रिया एवं मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच।
- यदि जांच में आपराधिक कृत्य प्रमाणित हों तो FIR दर्ज की जाए।
- दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
- मतदाता सूची से हटाए गए प्रत्येक वास्तविक मतदाता को अपना पक्ष रखने और नाम पुनः जुड़वाने का अवसर मिले।
- चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए।
आगामी CWC की बैठक
जीतू पटवारी ने आगामी तीन दिवसीय कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल मध्यप्रदेश का मुद्दा नहीं, बल्कि बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों का भी है। यहां पर भी SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लोकतांत्रिक अधिकारों के संबंध में उठाएगी।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों पर क्या बोले?
पटवारी ने बताया कि वर्ष 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में कानून में बदलाव किए गए थे। इस दौरान चयन समिति की संरचना में बदलाव करके देश के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका को हटाकर केंद्रीय गृह मंत्री को शामिल किया गया था। साथ ही उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री एक ही राजनीतिक दल से आते हैं और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सरकार की भूमिका बढ़ती है, तो विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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EVM को लेकर दी प्रतिक्रिया
जीतू पटवारी ने बताया कि उनकी पार्टी चाहती है कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी राजनीतिक दल का हस्तक्षेप बहुत कम हो और जनता का विश्वास ज्यादा हो। इसके साथ ही मतदान में इस्तेमाल होने वाली EVM, VVPAT और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब भी संस्थागत और तकनीकी स्तर पर पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पार्टी का मकसद सिर्फ सवाल उठाना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान लोगों का विश्वास बनाए रखना भी है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार को आयोग की चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा जीतना है, तो स्थानीय चुनावों में बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार होना चाहिए। साथ ही बताया कि कांग्रेस हमेशा मतपत्र, मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाती रही है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम न करें।
कांग्रेस के सवाल
- किस मतदाता का नाम हटाया गया?
- किस आधार पर हटाया गया?
- किस अधिकारी ने सत्यापन किया?
- मतदाता को सूचना कब दी गई?
- दावे और आपत्ति का अवसर कैसे दिया गया?
- कितने नाम वापस जोड़े गए?
- कितने नाम अभी भी विवादित हैं?
- विधानसभा और बूथवार पूरा डेटा सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
Created On :   24 Sept 2026 4:28 PM IST













