West Bengal Politics: TMC के नाम-चुनाव चिह्न पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- कब तक आएगा फैसला?

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पार्टी का पुराना नाम और ‘फूल-घास’ वाला चुनाव चिह्न फ्रीज किया गया है। आयोग ने दोनों गुटों को फिलहाल अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं। ममता के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चिह्न मिला है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से पूछा कि वह इस विवाद पर अंतिम फैसला कितने समय में ले सकता है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
SC ने चुनाव आयोग से मांगा समय
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह बताए कि इस विवाद पर फैसला लेने में उसे कितना समय लगेगा। कोर्ट ने जल्द फैसला करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कपिल सिब्बल ने क्या कहा?
ममता बनर्जी की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से चुनाव रोकने की मांग नहीं की जा रही है। उनकी मांग है कि पार्टी को उसका पुराना नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने दिया जाए। सिब्बल ने कहा कि यह पार्टी के अस्तित्व से जुड़ा मामला है।
चुनाव पर पड़ सकता है असर
ममता गुट ने कहा कि अगर आयोग ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आने वाले चुनावों पर इसका असर पड़ सकता है। चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों के लिए अलग नाम और चिह्न तय किए हैं। ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी और दूसरे गुट को लिफाफे का चिह्न दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट अब 28 सितंबर को मामले पर फिर सुनवाई करेगा।
Created On :   24 Sept 2026 2:17 PM IST











