Nandigram By Election 2026: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार को झटका, 2007 के केस में 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने बुधवार को उन्हें 2007 में दर्ज एक आपराधिक मामले में 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस फैसले के चलते प्रधान चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सकेंगे। नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
हत्या समेत कई धाराओं में मामला
प्रधान के वकील प्रसनजीत जना ने अदालत में बताया कि उन्हें पहले ही आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब 2007 में नंदीग्राम में हुए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक अन्य मामले में उन्हें हत्या और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। कांथी अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियोजन पक्ष की ओर से हिरासत की मांग किए जाने के बाद प्रधान को 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम में वोटिंग
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खाली करने के बाद उपचुनाव के लिए जा रही है। यहां 6 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव प्रचार की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर है। ऐसे में अदालत के आदेश के कारण कांग्रेस उम्मीदवार के लिए प्रचार करना मुश्किल हो गया है।
24 सितंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
मिलन प्रधान ने इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर 24 सितंबर को सुनवाई करने की बात कही है। प्रधान का दावा है कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से इस मामले का उल्लेख नहीं किया गया था। कांग्रेस उम्मीदवार के वकील अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के सामने मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधान को इस केस में गिरफ्तार दिखाकर रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया।
पहले भी दो मामलों में भेजे जा चुके हैं जेल
प्रधान को 21 सितंबर को कांथी अदालत ने करीब दो दशक पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। इससे पहले 19 सितंबर को हल्दिया अनुमंडल अदालत ने 2007 से जुड़े चार अन्य गैर-जमानती वारंट के मामलों में उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस के अनुसार, प्रधान को लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। साल 2007 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और खेजुरी थानों में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
Created On :   23 Sept 2026 11:08 PM IST









