UP News: योगी सरकार के मंत्रियों ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार, सपा की मानसिकता पर उठाए सवाल

योगी सरकार के मंत्रियों ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार, सपा की मानसिकता पर उठाए सवाल
डिप्टी सीएम ने आगे कहा INDIA गठबंधन के लोग हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। जब ये चुनाव जीतते हैं तो यह निर्वाचन आयोग अच्छा हो जाता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी दल एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे है। नेताओं के बयानों से राजनीतिक माहौल अभी से गरमा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ए.के. शर्मा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी पार्टी सपा को अलोकतांत्रिक मानसिकता, तानाशाही मानसिकता बताया, और यह पूरा देश और प्रदेश जानता है, अखिलेश पर आरोप लगाते हुए कहा जब उनकी सपा सरकार आती है, तो वास्तव में न चुनाव होता है, न सरकार होती है, केवल गुंडाराज होता है। वे कई वर्षों से यह झूठ परोसने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन जनता जानती है कि भाजपा से ज्यादा लोकतांत्रिक या लोकतांत्रिक परंपराओं में मानने वाला कोई नहीं हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी सपा की पूर्ववर्ती सरकार को लेकर कहा सपा सरकार ने अपने समय में अयोध्या को विकास के लिए तरसाने का काम किया था। वे आंकड़े देखकर बताए कि जब सपा सत्ता में थी तो उन्होंने अयोध्या के विकास में कितना पैसा खर्च किया था। आज हमारी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित कर रही है। इन्हें सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। डिप्टी सीएम ने आगे कहा INDIA गठबंधन के लोग हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। जब ये चुनाव जीतते हैं तो यह निर्वाचन आयोग अच्छा हो जाता है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा अखिलेश यादव को संवैधानिक संस्थाओं पर, व्यवस्थाओं पर कोई भरोसा नहीं है। वो खुद मुख्यमंत्री रहे हैं, उनके पूज्य पिताजी मुख्यमंत्री रहे हैं, अगर संवैधानिक व्यवस्था नहीं होती तो वो मुख्यमंत्री कैसे बनते? वो आज जो लगातार हार रहे हैं, इसके कारण वो लगातार निर्वाचन आयोग पर, व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करने का काम करते हैं।

आपको बता दें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा 2022 में जब समाजवादी पार्टी चुनाव हारी थी, मैंने ये आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जानबूझकर समाजवादी पार्टी के वोटर्स को चिह्नित करके वोटर लिस्ट से निकाला था। जब चुनाव आयोग ने सपा को नोटिस दिया तो हमने बड़ी संख्या में एफिडेविट के साथ ईसी को जानकारी दी लेकिन एक भी चुनाव अधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। इस पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया।

Created On :   23 Sept 2026 6:24 PM IST

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