बॉम्बे एचसी के आदेश पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद म्हात्रे की जमानत रद्द की, तीन दिन में सरेंडर करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद म्हात्रे की जमानत रद्द की, तीन दिन में सरेंडर करने का आदेश
  • डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द
  • तीन दिन में सरेंडर करने का आदेश
  • बॉम्बे एचसी के आदेश पर रोक लगा दी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दो डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द हो गई है। कोर्ट ने म्हात्रे को तीन दिन में सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ किसी तरह का हिंसात्मक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसके तहत महाराष्ट्र सरकार की याचिका के बावजूद म्हात्रे को जमानत मिली थी। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग आम जनता की सेवा करते हैं। उनके साथ इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट के इस आदेश के बाद शिवसेना म्हात्रे को सरेंडर कर के हिरासत में जाना होगा।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के कल्याण में 6 जुलाई को दो डॉक्टरों से मारपीट का मामला सामने आया था। घटना के बाद डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों ने विरोध जताया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 जुलाई को रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में यह मामला अदालत पहुंचा और पार्षद को जमानत मिल गई। महाराष्ट्र सरकार ने म्हात्रे को मिली जमानत को चुनौती दी। अब सुप्रीम कोर्ट ने म्हात्रे की जमानत रद्द करते हुए तीन दिन के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।

Created On :   28 Sept 2026 9:11 PM IST

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