महाराष्ट्र एसआईआर: मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने के मामले 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने के मामले 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई
  • मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने का मामला
  • महाराष्ट्र में एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बेहाई कोर्ट में 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

डिजिटल डेस्क, मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। याचिका में पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित खामियों को दूर करने और पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेथना की पीठ के समक्ष वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के दो नेताओं सागर रमेश गवाई और रफीक इलाही खान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि यह मामला नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाता है और इस पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है। महाराष्ट्र में एसआईआर के जरिए मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाया जा रहा है। महाराष्ट्र की मतदाता सूची से करीब 2 करोड़ 10 लाख नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका है। वे राज्य में चल रहे एसआईआर को रोकने की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग यह है कि एसआईआर किसके आदेश और दर्ज कारणों के आधार पर कराया जा रहा है। इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही इसकी प्रक्रिया, कानूनी आधार और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग सीमित स्तर पर मतदाता संबंधी जांच कर सकता है, लेकिन वह अंतिम रूप से किसी व्यक्ति की नागरिकता तय नहीं कर सकता। यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर संदेह बना रहता है, तो मामला नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा जाना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित निर्णय उसी के आधार पर होना चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट निर्देश कई भाषाओं में जारी किए जाएं और डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन, सुधार और जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके समान रूप से उपलब्ध हों।

याचिका में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने और पहले हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग की। महाराष्ट्र में एसआईआर के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों में गणना के दौरान दस्तावेज जमा कराने का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद बूथ स्तर के अधिकारी कथित तौर पर गणना प्रपत्र लेते समय नागरिकों से समर्थन दस्तावेज मांग रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया जारी रह सकती है लेकिन इसकी कानूनी वैधता, प्रक्रिया और आधार को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। साथ ही ऐसे उपाय होने चाहिए, जिससे पात्र नागरिकों का नाम केवल किसी संदेह या प्रक्रिया संबंधी कमी के कारण मतदाता सूची से न हटे।

Created On :   28 Sept 2026 9:56 PM IST

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