सनातन के बगैर भारत की कल्पना नहीं सीएम योगी

सनातन के बगैर भारत की कल्पना नहीं सीएम योगी
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म भारत का मूल धर्म है। अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता को जिन्होंने नहीं समझा, वे उत्तर प्रदेश और भारत को भी नहीं समझ पाएंगे। भारतीयों की कमी यह रही कि हमने स्वयं को विस्मृत कर दिया, जबकि दुनिया जब अंधकार में जी रही थी, तब भारत के पास सुसभ्य, सुसंस्कृत और समृद्ध परंपरा मौजूद थी।

गोरखपुर, 29 सितंबर (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म भारत का मूल धर्म है। अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता को जिन्होंने नहीं समझा, वे उत्तर प्रदेश और भारत को भी नहीं समझ पाएंगे। भारतीयों की कमी यह रही कि हमने स्वयं को विस्मृत कर दिया, जबकि दुनिया जब अंधकार में जी रही थी, तब भारत के पास सुसभ्य, सुसंस्कृत और समृद्ध परंपरा मौजूद थी।

सीएम योगी मंगलवार को श्री गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के सप्तम दिवस श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भीषण आपदा से जनजीवन प्रभावित होने के बावजूद यहां कथा अनवरत चलती रही। श्रद्धालुओं का आगमन भी नहीं रुका। आपदा भी उनके मार्ग में बाधक नहीं बन पाई, यही भारत की पहचान है।

मुख्यमंत्री योगी ने व्यासपीठ से कथा सुना रहे मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य का आभार जताया। कहा कि सात दिनों तक उन्होंने कथा के साथ समसामयिक और ज्वलंत विषयों पर होने वाली गोष्ठियों में भी मार्गदर्शन दिया। उनके संदेश व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन की पहचान गौ माता में है। भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गौ माता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए निकालने की व्यवस्था थी। इसका पालन होता तो गौवंश सड़कों पर नहीं घूमता और निराश्रित कुत्ते राहगीरों को अपना शिकार नहीं बनाते।

उन्होंने भारतीय नस्ल के गोवंश के संरक्षण और संवर्धन का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार 7,700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक गोवंश का पालन कर रही है। किसान अपने घर में निराश्रित गोवंश रखता है तो प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। चार गोवंश रखने पर यह राशि छह हजार रुपये प्रतिमाह होगी। कुपोषित बच्चे वाले परिवार को गोआश्रय स्थल से ब्याही गाय देने के साथ उसके पालन के लिए भी प्रतिमाह 1,500 रुपये देने की व्यवस्था है।

सीएम योगी ने कहा कि घर में स्थान नहीं होने पर लोग गोशाला में गाय गोद लेकर उसके संरक्षण में सहयोग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने रासायनिक खाद, केमिकल और पेस्टिसाइड के अत्यधिक प्रयोग को खाद्यान्न के प्रदूषित होने से जोड़ते हुए गौ आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में गरीबों के उपचार के लिए 1,400 करोड़ रुपए देने पड़े हैं। यह आयुष्मान कार्ड पर खर्च होने वाली राशि से अलग है। उन्होंने भारतीय गोवंश के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार ने गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया है, लेकिन दूध लेने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ने वालों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सरकार के प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पावन स्मृति में गोरखनाथ पीठ पर कथा का आयोजन होता है। उन्होंने यजमानों, श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों को बधाई दी। संबोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने पूजन एवं आरती की।

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Created On :   29 Sept 2026 8:35 PM IST

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