'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को मिली संयुक्त राष्ट्र की मान्यता

चीन ब्लू बे बहाली अभियान को मिली संयुक्त राष्ट्र की मान्यता
चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में संयुक्त राष्ट्र जैविक विविधता संधि के 17वें पक्षकार सम्मेलन (कॉप 17) का 'पुनर्स्थापना दिवस' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी कार्यक्रम में 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली की प्रमुख परियोजना' के रूप में मान्यता दी गई।

बीजिंग, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में संयुक्त राष्ट्र जैविक विविधता संधि के 17वें पक्षकार सम्मेलन (कॉप 17) का 'पुनर्स्थापना दिवस' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी कार्यक्रम में 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली की प्रमुख परियोजना' के रूप में मान्यता दी गई।

इस अभियान का नेतृत्व और क्रियान्वयन प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय मिलकर कर रहे हैं। यह दूसरा राष्ट्रीय पारिस्थितिक संरक्षण और बहाली अभियान है, जिसे प्रमुख परियोजना का दर्जा मिला है। इससे पहले 'चीन पर्वत-नदियां परियोजना' को वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया गया था। इस तरह चीन अपने राष्ट्रीय अभियानों के साथ दो बार यह मान्यता पाने वाला पहला देश बन गया है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को दुनिया के सबसे आशाजनक, महत्वाकांक्षी और अनुकरणीय बड़े पैमाने के पारिस्थितिक बहाली मामलों में गिना है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान समुद्री पारिस्थितिक पर्यावरण को बेहतर बनाने और स्थानीय समुदायों की दीर्घकालिक भलाई बढ़ाने की प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है।

हाल के वर्षों में दोनों मंत्रालय चीन की तटरेखा के साथ प्रमुख पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध क्षेत्रों में समुद्री पारिस्थितिक बहाली को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही वे भूमि और समुद्री संसाधनों को एकीकृत करने तथा नदियों और समुद्रों को जोड़ने की दिशा में भी मिलकर काम कर रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 13वीं और 14वीं पंचवर्षीय योजना (2016-2025) के दौरान चीन की केंद्र सरकार ने तटीय प्रांतों में 194 प्रमुख समुद्री पारिस्थितिक बहाली परियोजनाओं को समर्थन दिया। इसके लिए कुल 36.63 अरब युआन की केंद्रीय सब्सिडी आवंटित की गई। इन परियोजनाओं की बदौलत देश भर में 2,000 किलोमीटर से ज्यादा तटरेखा पर 1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक तटीय आर्द्रभूमि को बहाल किया जा सका और स्पार्टिना अल्टरनिफ्लोरा वनस्पति पर नियंत्रण में भी अहम योगदान मिला।

इससे महत्वपूर्ण समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की गुणवत्ता और स्थिरता में प्रभावी सुधार हुआ है और जैव विविधता बढ़ी है। साथ ही आम लोगों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले समुद्री क्षेत्रों का विस्तार हुआ है, तटीय आपदा निवारण और शमन की क्षमता मजबूत हुई है और समुद्री पारिस्थितिक सुरक्षा कवच को भी सुदृढ़ किया गया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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