दक्षिण गुजरात के पर्यटन को मिला सुपर बूस्ट, अब पलक झपकते ही सुदूरवर्ती जंगलों की सैर

दक्षिण गुजरात के पर्यटन को मिला सुपर बूस्ट, अब पलक झपकते ही सुदूरवर्ती जंगलों की सैर
यदि आप अहमदाबाद, वडोदरा या सूरत जैसे बड़े शहरों में रहते हैं और वीकेंड पर शहर के कोलाहल से दूर दक्षिण गुजरात में प्रकृति की गोद में तरोताजा होने के लिए प्राकृतिक जंगलों एवं दूसरे पर्यटन स्थलों पर घूमना चाहते हैं, तो अब आपको कोई बड़ा प्लान बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप पलक झपकते ही वहां पहुंच जाएंगे।

गांधीनगर, 17 मार्च (आईएएनएस)। यदि आप अहमदाबाद, वडोदरा या सूरत जैसे बड़े शहरों में रहते हैं और वीकेंड पर शहर के कोलाहल से दूर दक्षिण गुजरात में प्रकृति की गोद में तरोताजा होने के लिए प्राकृतिक जंगलों एवं दूसरे पर्यटन स्थलों पर घूमना चाहते हैं, तो अब आपको कोई बड़ा प्लान बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप पलक झपकते ही वहां पहुंच जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दक्षिण गुजरात में स्थित पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को चौड़ा और अपग्रेड करने के लिए सुपर बूस्ट दिया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) योजना (फेज-1) के अंतर्गत सूरत, नवसारी, तापी, वलसाड और डांग जैसे जिलों में अलग-अलग सड़कें बनाने और अपग्रेड करने के लिए 1,185 करोड़ रुपए की बड़ी धनराशि आवंटित की है। इस योजना में पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के लिए भी बड़ी राशि आवंटित की गई है।

इस योजना के तहत जिलों में सड़कों को चौड़ा तथा मजबूत किया जाएगा, आवश्यक जगहों पर फोर और सिक्स लेन सड़कें बनाई जाएंगी तथा कुछ शहरों में बाईपास सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा। इससे दक्षिण गुजरात के पर्यटन स्थलों का सफर और भी सुगम एवं सुहाना हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के पर्यटन क्षेत्र ने शानदार प्रगति की है। वर्ष 2024 में विदेश से आने वाले सैलानियों में 14.85 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में भारत के पर्यटन मानचित्र में गुजरात विशेष रूप से उभरकर सामने आया है। वर्ष 2024 में सर्वाधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में गुजरात देश भर में तीसरे स्थान पर रहा है।

सूरत के शांत और सुरम्य समुद्र तट यानी सुवाली बीच तक जाने वाले मोरा-सुवाली बीच रोड के विकास से सुवाली बीच तक जाना अब और भी आसान हो जाएगा। सुवाली बीच सूरत जिले के एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। यहां आयोजित होने वाला ‘सुवाली बीच फेस्टिवल’ अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। सड़क के विकास से पर्यटन गतिविधियों को अधिक बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी एक नई गति मिलेगी।

कोस्टल हाईवे फेज-1 के तहत सुवाली बीच रोड को 10.00 मीटर चौड़ा किया गया था। इसके बाद सुवाली बीच को सूरत जिले के पर्यटन मानचित्र में शामिल किया गया। अब इस बीच के नजारों को देखने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं। इसलिए, मोरा से सुवाली बीच रोड को फोरलेन किया जाएगा।

महात्मा गांधी की ऐतिहासिक दांडी यात्रा के रूट पर अब आसानी से यात्रा की जा सकेगी। यह सड़क अहमदाबाद-दांडी हेरिटेज रूट पर आने वाले कदरामा, एरथाण, टकरामा, भटगाम, मोहंमदपुरा, गोला और सांधियेर गांवों को जोड़ती है। इस सड़क को तीन मीटर से सात मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात का बोझ कम होने से इस ऐतिहासिक मार्ग का दौरा करना सुगम हो जाएगा।

वलसाड जिले में उमरसाडी से कोलक नदी कोस्टल हाईवे पर एक कॉज-वे बनेगा। यह कोस्टल हाईवे वलसाड और दमन को जोड़ने वाली एक अहम सड़क है। प्राकृतिक नजारों से भरपूर यह नयनरम्य सड़क दमन, उदवाड़ा अगियारी, उमरसाडी वॉक-वे ब्रिज आदि पर्यटन स्थलों को जोड़ती है। मौजूदा 10 मीटर सड़क को अब चौड़ा करके फोरलेन बनाया जाएगा।

गुजरात का सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल डांग जिला अब दूर नहीं लगेगा। प्रकृति और संस्कृति के इस संगम स्थान की प्राकृतिक छटा को देखने के लिए कुछ ही देर में पहुंचा जा सकता है।

डांग में वघई से आहवा जाने वाला राज्य राजमार्ग (स्टेट हाईवे) डांग जिले के अन्य गांवों को जिला मुख्यालय के साथ जोड़ता है। यह हाईवे पर्यटन एवं यात्राधाम की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह सड़क शबरीधाम, पंपा सरोवर, अग्निकुंड और पांडव गुफा जैसे पवित्र तीर्थ स्थानों और डॉन हिल स्टेशन, महाल कैंप साइट, देविनामाळ कैंप साइट, सापुतारा हिल स्टेशन और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे पर्यटन स्थलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क अब फोरलेन हो जाएगी, जिससे लोग सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित पर्यटन स्थलों तक जल्द पहुंच सकेंगे।

चिखली से खेरगाम होते हुए धरमपुर जाने वाली सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा, इससे धरमपुर जाना और भी आसान हो जाएगा। इस सड़क के चौड़ा होने से मानसून में प्रकृति की गोद में बसे धरमपुर और विल्सन हिल जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी।

दक्षिण गुजरात प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली से समृद्ध क्षेत्र है। यहां अनेक पर्यटन स्थल और तीर्थ स्थान हैं, जो सुकून और शांति की अनुभूति कराते हैं। इनमें केवड़ी इको-टूरिज्म साइट (मांडवी), पदमडुंगरी इको-टूरिज्म साइट (डोलवण), उनाई मंदिर (वांसदा), वघई बॉटनिकल गार्डन, वांसदा नेशनल पार्क (वांसदा), पूर्णा वन्यजीव अभयारण्य और गिरा जलप्रपात जैसे अनेक स्थानों पर प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को निहारने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।

इन पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों को एक सुखद अनुभव देने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कनेक्टिविटी से पर्यटन विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात में पर्यटन स्थलों के अवसंरचना विकास के लिए यह बड़ी धनराशि आवंटित की है। सरकार के इन प्रयासों से पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा और प्रधानमंत्री मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र भी साकार होगा।

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Created On :   17 March 2026 5:25 PM IST

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