दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने न्यू उस्मानपुर इलाके में एक 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में 4 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेते हुए दिल्ली पुलिस ने जुर्म में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए हैं।

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने न्यू उस्मानपुर इलाके में एक 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में 4 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेते हुए दिल्ली पुलिस ने जुर्म में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 25 मार्च को सुबह न्यू उस्मानपुर थाने को एक लाश के बारे में जानकारी मिली। जेपीसी अस्पताल के पास डीडीए पार्क में मौके पर पहुंचने पर पुलिस को एक युवक मरा हुआ मिला, जिसकी पहचान बाद में जैद (17 साल) के तौर पर हुई। फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया और सबूत इकट्ठा किए। मरने वाले की बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न्यू उस्मानपुर में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान टीमों ने अलग-अलग सोर्स से सबूत इकट्ठा किए। मिले सुरागों के आधार पर टीम ने 15 से 17 साल के चार नाबालिगों को पकड़ा।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने जुर्म करना कबूल किया और बताया कि मरने वाले के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी थी। उनकी निशानदेही पर, जुर्म में इस्तेमाल किए गए दो चाकू बरामद किए गए। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

एक और सफलता के तौर पर दिल्ली पुलिस ने कापसहेड़ा थाना क्षेत्र में किडनैपिंग के एक मामले में घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया। अपराधी की पहचान हरियाणा के हिसार निवासी 30 वर्षीय सुमित उर्फ बादल के रूप में हुई। आरोपी को 13 मार्च को द्वारका कोर्ट ने घोषित अपराधी करार दिया था।

लगातार पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी सुमित 11वीं तक पढ़ा-लिखा है। वह अपने गांव के ही अजीत उर्फ ​​जीतू और उसके साथियों के संपर्क में आया। बाद में वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। आरोपियों ने आसानी से पैसे कमाने के लालच में एक साजिश रची और कापसहेड़ा इलाके से एक व्यक्ति को किडनैप कर लिया।

पीड़ित को पूरे दिन चलती कार में बंद रखा गया और उसके परिवार से 6 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। कैद के दौरान, फिरौती देने में देरी होने पर पीड़ित के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और बाद में उसे चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया गया। इस बारे में केस दर्ज किया गया और सुमित उर्फ ​​बादल समेत सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, साल 2022 में, कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी सुमित जानबूझकर फरार हो गया और कोर्ट की कार्रवाई से बच रहा था।

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Created On :   27 March 2026 2:19 PM IST

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