प्रशासनिक सुधार की नई पहल, दिल्ली सरकार अब हर साल देगी ‘चीफ मिनिस्टर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’

प्रशासनिक सुधार की नई पहल, दिल्ली सरकार अब हर साल देगी ‘चीफ मिनिस्टर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’
दिल्ली में सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को एक अहम और नई पहल की शुरुआत हुई। इस दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक क्षेत्र में बेहतरीन और नवाचारी काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

नई दिल्‍ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली में सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को एक अहम और नई पहल की शुरुआत हुई। इस दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक क्षेत्र में बेहतरीन और नवाचारी काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

पहली बार ‘चीफ मिनिस्टर्स अवॉर्ड्स फॉर एक्सीलेंस एंड इनोवेशन इन गवर्नेंस एंड पब्लिक सर्विस डिलीवरी 2026’ दिए गए। ये पुरस्कार उन लोक सेवकों को दिए गए हैं, जिन्होंने शासन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने के लिए खास और प्रभावी काम किया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रशासनिक सुधार विभाग ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किया। कार्यक्रम के दौरान शासन व्यवस्था में सुधार और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को सुगम बनाने वाले अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि प्रशासनिक दक्षता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये पुरस्कार अब हर साल ‘सिविल सेवा दिवस’ के अवसर पर दिए जाएंगे, जिनकी घोषणा प्रतिवर्ष अप्रैल माह में की जाएगी।

इस अवसर पर उपराज्यपाल संधू ने कहा कि सिविल सेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को निभाने का दायित्व है। आज के समय में सुशासन की वास्तविक कसौटी यह है कि सेवाएं कितनी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं। बदलते हुए प्रशासनिक परिदृश्य में सिविल सेवकों की भूमिका पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर अधिक उत्तरदायी, परिणामोन्मुख और नागरिक केंद्रित हो गई है।

उन्होंने कहा कि नवाचार, बेहतर तालमेल और तकनीक के सही इस्तेमाल से ही जटिल प्रशासनिक समस्याओं का समाधान संभव है। उनके मुताबिक, छोटे-छोटे सुधार भी जनसेवा को ज्यादा प्रभावी और आम लोगों के लिए आसान बना सकते हैं। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि सार्वजनिक सेवा की सबसे बड़ी ताकत लोगों का विश्वास है। इस भरोसे को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बेहद जरूरी हैं। उन्होंने सम्मानित अधिकारियों को बधाई देते हुए भरोसा जताया कि सिविल सेवाएं आगे भी देश और दिल्ली के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाती रहेंगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सिविल सेवा केवल एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य ‘अंतिम व्यक्ति’ तक सेवा पहुंचाना है और इसमें हमारे अधिकारियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। इनोवेशन और जन-केंद्रित नीतियों के माध्यम से हम दिल्ली को विश्वस्तरीय मानकों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दिल्ली सरकार पहली बार सिविल सेवा दिवस को उस गरिमा और व्यापकता के साथ मना रही है, जिसकी वास्तव में आवश्यकता थी। यह अवसर उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने का है, जो दिन-रात दिल्ली और उसके नागरिकों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2014 में माननीय पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ की शुरुआत की गई थी और उसी भावना से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार ने इन पुरस्कारों को देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह पहल न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मान देती है, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल और कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है। यह सम्मान उन कर्मयोगियों के लिए प्रोत्साहन है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी कार्यकुशलता से जनता का विश्वास जीता है।

सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हैं, बल्कि अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणापुंज का कार्य करेंगे। उन्होंने दिल्ली के विकास मॉडल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी विभागों से टीम वर्क और जनसेवा की भावना से काम करने का आह्वान किया।

इन पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई, जिसमें अलग-अलग विभागों के प्रशासनिक सचिव और प्रशासनिक सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। समिति ने इनोवेशन, आपातकालीन प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस में सुधार जैसे कड़े मानकों के आधार पर विजेताओं का चयन किया। हर श्रेणी में अधिकतम 10 नामों की सिफारिश की गई, जिन्हें अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया गया।

इस वर्ष ये पुरस्कार तीन प्रमुख श्रेणियों में दिए गए। पहली श्रेणी में दिल्ली सरकार के अंतर्गत कार्यरत सभी ग्रुप-ए, बी और सी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। दूसरी श्रेणी में स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, आईटी और पर्यावरण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी रखे गए। वहीं, तीसरी श्रेणी में स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) और विश्वविद्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए गए। प्रत्येक श्रेणी में अधिकतम 10 पुरस्कार प्रदान किए गए है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं नवाचार पुरस्कार 2026 के तहत विभिन्न श्रेणियों में चुने गए अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। पहली श्रेणी में वेदिथा रेड्डी (शिक्षा निदेशालय), सनी के. सिंह, अजय कुमार, कुमार अभिषेक और विभव शुक्ला (सभी राजस्व विभाग), डॉ. अजय कुमार बिष्ट (सेवा विभाग), डीबी गुप्ता (योजना विभाग), प्रदीप तयाल (सामान्य प्रशासन विभाग), संजीव गोसाईं (खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग) और अरविंद कुमार (श्रम विभाग) शामिल रहे।

दूसरी श्रेणी में डॉ. मुनिषा अग्रवाल (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग), डॉ. प्रवीण कुमार (एएंडयू तिब्बिया कॉलेज), कृष्ण कुमार सिंह (लोक निर्माण विभाग), रवीन्द्र कुमार (सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग), के. मुरुगन (आईटी विभाग), मनमीत सिंह वालिया (सामान्य प्रशासन), लता कुमारी नेगी (महिला एवं बाल विकास विभाग), डॉ. चेतना आनंद (पर्यावरण विभाग), दीपक चौधरी (लोक निर्माण विभाग) और मनोज सिंह (तिहाड़ जेल) को सम्मानित किया गया।

तीसरी श्रेणी में शुर्बिर सिंह (डीटीएल), रूपेश कुमार ठाकुर (शहरी विकास विभाग/डुसिब), जितेंद्र यादव (एमसीडी), डॉ. के. महेश (दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड), डॉ. तपस्या राघव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग), हरमिंदर सिंह (एनडीएमसी), कैलाश चंद मीणा (डीजेबी), डॉ. अमित कुमार जैन (डीएमआरसी), सतीश (एनडीएमसी) और बबलू (पर्यावरण विभाग) शामिल रहे।

चौथी श्रेणी में शशि कांत शर्मा (सामान्य प्रशासन विभाग), गीता रंजन (वित्त विभाग), दीपा पासी (समाज कल्याण विभाग), भारत लाल (सामान्य प्रशासन विभाग) और जय प्रकाश मांझी (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग) को सम्मान दिया गया।

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Created On :   21 April 2026 10:19 PM IST

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