मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के अधिकारों पर विशेष सत्र बुलाया, कांग्रेस ने मंशा पर उठाए सवाल

मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के अधिकारों पर विशेष सत्र बुलाया, कांग्रेस ने मंशा पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके समग्र विकास पर चर्चा की जाएगी। इस कदम से एक राजनीतिक बहस छिड़ गई है, जिसमें विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

भोपाल, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके समग्र विकास पर चर्चा की जाएगी। इस कदम से एक राजनीतिक बहस छिड़ गई है, जिसमें विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

'नारी शक्ति वंदन' थीम पर आधारित यह सत्र ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, जब हाल ही में संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण का एक अहम प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया था।

मंगलवार को जारी अधिसूचना में इस बात की पुष्टि की गई कि सदन महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा, प्रतिनिधित्व और सामाजिक-आर्थिक विकास पर विचार-विमर्श करेगा।

उम्मीद है कि सरकार मौजूदा योजनाओं की समीक्षा करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए नए उपायों की रूपरेखा तैयार करेगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल सत्ता हासिल करने के लिए महिलाओं को एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने पार्टी से आग्रह किया कि वह लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करे, और ऐसा होने पर कांग्रेस की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

यह घटनाक्रम लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लगे झटके के बाद सामने आया है, जिसने महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर बहस को और तेज कर दिया है।

जहां एक ओर भाजपा ने महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, वहीं कांग्रेस ने उस पर केवल प्रतीकात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया है।

सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए आरक्षण का समर्थन किया है, और इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए उठाए गए किसी भी वास्तविक कदम का वह समर्थन करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि सभी 543 सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाता है तो कांग्रेस पार्टी उसका पूर्ण समर्थन करेगी, लेकिन संविधान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने के प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार राज्य के अधिक गंभीर और जरूरी मुद्दों की अनदेखी कर रही है।

उन्होंने कहा कि कफ सिरप जैसे पदार्थों के कारण मासूम बच्चों की मौत हो रही है, दूषित पेयजल के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, और अस्पतालों में नवजात शिशुओं की सुरक्षा की भी कोई गारंटी नहीं है। फिर भी इन मुद्दों पर कोई विशेष सत्र नहीं बुलाया जाता है।

सिंघार ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये सभी गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इन पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण के लिए ठोस नीतिगत कार्रवाई और समान अवसर प्रदान करना आवश्यक है।

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Created On :   21 April 2026 10:10 PM IST

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