मणिपुर में विरोध-प्रदर्शन और बंद के बीच बोले मुख्यमंत्री, 'संवाद से सुलझ सकते हैं सभी मुद्दे'
इंफाल, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य में जारी विरोध-प्रदर्शनों और बंद के बीच कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संबंधित पक्षों के बीच संवाद के जरिए संभव है।
थौबल जिले के वांगजिंग-तेंथा में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया प्रशासनिक ब्लॉक जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने और लोगों तक सेवाएं बेहतर ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उनका स्वागत करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने पहाड़ी जिलों का दौरा किया, जहां उन्हें किसी तरह का विरोध नहीं झेलना पड़ा, लेकिन थौबल जिले में उनके दौरे के खिलाफ प्रदर्शन पर उन्होंने आश्चर्य जताया।
उन्होंने कहा, “विभिन्न मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। जब सभी पक्ष साथ बैठते हैं, तभी सार्थक समाधान निकलता है।”
7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में हुई घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद है, जिसमें दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी और उनकी मां घायल हुई थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पीड़ितों के संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के साथ दो दौर की बातचीत की है, जिसमें राज्य के गृह मंत्री के. गोविंदास सिंह भी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार की मांगों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर पीड़ितों के माता-पिता को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव भी सरकार के विचाराधीन है, हालांकि यह किसी तरह की सौदेबाजी नहीं बल्कि सहायता का प्रयास है।
पांच दिन के बंद को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की “अनावश्यक और निरर्थक गतिविधियां” आम लोगों में भ्रम पैदा करती हैं और सामान्य जनजीवन को बाधित करती हैं। उन्होंने वांगजिंग में 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क के जल्द निर्माण का भी आश्वासन दिया।
इंफाल घाटी के 5-6 जिलों में यह बंद ‘मेइरा पैबीस’ (महिला समूह) और विभिन्न सिविल सोसायटी संगठनों द्वारा बुलाया गया है। यह विरोध 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में दो बच्चों की हत्या और उनकी मां के घायल होने की घटना के खिलाफ किया जा रहा है, जिसमें संदिग्ध कुकी उग्रवादियों पर आरोप है।
18 अप्रैल की मध्यरात्रि से लागू इस बंद के कारण घाटी क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जगह-जगह महिलाओं के समूह सड़कों को जाम करते और वाहनों की आवाजाही रोकते देखे गए। पुलिस के अनुसार, यात्री और व्यावसायिक वाहन सड़कों से गायब रहे, जबकि दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
वहीं, नागा बहुल इलाकों में भी लगातार दूसरे दिन जनजीवन प्रभावित रहा। यूनाइटेड नागा काउंसिल द्वारा बुलाया गया तीन दिवसीय बंद 20 अप्रैल की मध्यरात्रि से शुरू हुआ, जो 23 अप्रैल तक जारी रहेगा।
यह बंद 18 अप्रैल को नेशनल हाईवे-2 पर टीएम-कासोम गांव के पास दो नागा नागरिकों, चिनाओशांग शोकवुंगनाओ (45) और यारुइंगम वाशुम (42) की हत्या के विरोध में बुलाया गया है। दोनों उखरुल जिले के निवासी थे और आरोप है कि इम्फाल से लौटते समय संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने उनकी हत्या कर दी।
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Created On :   21 April 2026 10:12 PM IST












