दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर्शियल वाहनों के जाली 'नो-एंट्री परमिशन' रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर्शियल वाहनों के जाली नो-एंट्री परमिशन रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की पूर्वी रेंज के नंद नगरी सर्कल के चौकस ट्रैफिक स्टाफ ने कमर्शियल वाहनों के लिए जाली ‘नो-एंट्री परमिशन’ (एनईपी) बनाने और इस्तेमाल करने के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है और एक लाइट गुड्स व्हीकल (एलजीवी) जब्त कर लिया गया है।

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की पूर्वी रेंज के नंद नगरी सर्कल के चौकस ट्रैफिक स्टाफ ने कमर्शियल वाहनों के लिए जाली ‘नो-एंट्री परमिशन’ (एनईपी) बनाने और इस्तेमाल करने के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है और एक लाइट गुड्स व्हीकल (एलजीवी) जब्त कर लिया गया है।

सूचना मिली थी कि कुछ कमर्शियल वाहन चालक प्रतिबंधित समय में वाहन चलाने के लिए जाली और मनगढ़ंत नो-एंट्री परमिशन का सहारा ले रहे हैं। इस पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ब्रीफिंग और सख्त प्रवर्तन अभियान शुरू किया।

27 मार्च 2026 को शाम लगभग 6:00 बजे, नंद नगरी सर्कल के ट्रैफिक स्टाफ को वजीराबाद रोड पर लोनी गोलचक्कर के पास ड्यूटी पर तैनात किया गया था। एएसआई आदेश त्यागी और एचसी अनुज अपनी ड्यूटी के दौरान एक कमर्शियल वाहन (टाटा ऐस) को देखा, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर डीएल1एलएजे97एक्सएक्स था। यह वाहन लोनी गोलचक्कर से खजूरी खास की ओर जा रहा था।

इस रूट पर कमर्शियल वाहनों की आवाजाही शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित है, जब तक कि सक्षम अधिकारी से वैध अनुमति न हो। जांच के दौरान ड्राइवर ने अपनी गाड़ी की सामने की विंडस्क्रीन पर एक कथित ‘नो-एंट्री परमिशन’ चिपकाई हुई दिखाई दी। ट्रैफिक पुलिस ने चालान सिस्टम से तुरंत सत्यापन किया तो पता चला कि इस वाहन के लिए कोई वैध नो-एंट्री परमिशन जारी ही नहीं किया गया था।

इस प्रकार यह साफ हो गया कि ड्राइवर जाली और फर्जी एनईपी का इस्तेमाल कर रहा था। ड्राइवर को वाहन सहित पीएस गोकुलपुरी को सौंप दिया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत एफआईआर संख्या 75/26 दर्ज कर ली गई और जांच शुरू कर दी गई।

जांच के दौरान आरोपी की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र मोहम्मद जमील के रूप में हुई। वह सुंदर नगरी, दिल्ली का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 45 वर्ष है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने प्रतिबंधित समय में वाहन चलाने के लिए कभी भी वैध नो-एंट्री परमिशन के लिए आवेदन नहीं किया था। उसने बताया कि सुंदर नगरी के रहने वाले नाजिम नाम के एक परिचित ने उसे बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास एक अनजान व्यक्ति से मिलवाया था, जिसने जाली एनईपी का इंतजाम कर दिया था। पुलिस अब सह-आरोपी नाजिम और अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी हुई है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने और पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए जांच तेज कर रही है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी रेंज, ट्रैफिक यूनिट) के. रमेश ने कहा कि ऐसे उल्लंघनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे।

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Created On :   29 March 2026 4:34 PM IST

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