'ईसीआईनेट' से जानें उम्मीदवारों के क्रिमिनल रिकॉर्ड और संपत्ति की डिटेल चुनाव आयोग

ईसीआईनेट से जानें उम्मीदवारों के क्रिमिनल रिकॉर्ड और संपत्ति की डिटेल  चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर मतदाताओं के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की है। चुनाव आयोग ने 'ई-सीआईनेट' प्लेटफॉर्म के जरिए अब नागरिकों को उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से देखने की सुविधा दी है।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर मतदाताओं के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की है। चुनाव आयोग ने 'ई-सीआईनेट' प्लेटफॉर्म के जरिए अब नागरिकों को उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से देखने की सुविधा दी है।

चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के साथ-साथ गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड व त्रिपुरा की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए असम, केरल और पुडुचेरी में कुल 1,955 उम्मीदवार मैदान में हैं।

वहीं, पश्चिम बंगाल (फेज-1 और 2) और तमिलनाडु में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की आखिरी तारीख तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (फेज-1) के लिए 9 अप्रैल है जबकि पश्चिम बंगाल (फेज- 2) के लिए 13 अप्रैल तय की गई है।

मतदाता अब 'अपने उम्मीदवारों को जानें (केवाईसी)' मॉड्यूल के जरिए प्रत्याशियों की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसमें आपराधिक मामले, संपत्ति और देनदारियां, शैक्षणिक योग्यता और आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसी जानकारी शामिल है। यह सुविधा ईसीआईनेट के 'चुनावों का संचालन' टैब में उपलब्ध है। इसके अलावा, मतदाता उम्मीदवारों द्वारा जमा किया गया पूरा हलफनामा (फॉर्म-26) भी डाउनलोड कर सकते हैं।

ईसीआईनेट को दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी सेवा प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है, जो भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की सभी चुनावी सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसमें चुनाव आयोग के 40 से अधिक ऐप और पोर्टल को एकीकृत किया गया है।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता वोटर रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट सर्च, आवेदन की स्थिति ट्रैक करना, चुनाव अधिकारियों से संपर्क, बीएलओ से कॉल बुक करना, ई-एपिक डाउनलोड, पोलिंग ट्रेंड्स और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं भी पा सकते हैं।

इसके साथ ही सी-विजिल जैसे टूल से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत और 'सक्षम' ऐप के जरिए दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। चुनाव आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी व सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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Created On :   4 April 2026 2:17 PM IST

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